MP: ज्योतिरादित्य सिंधिया का नया सियासी दांव, विरोधी खेमे में बढ़ा रहे समर्थक

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Update: 2021-02-16 06:09 GMT

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अब राज्य में नया सियासी दांव अपनाया है। परस्पर विरोधी माने जाने वाले अपनी पार्टी के नेताओं के समर्थकों से वे नजदीकियां बढ़ाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। किसी के घर पहुंचकर लंच-डिनर कर रहे हैं तो किसी से दिल्ली में मुलाकात कर रहे हैं।

यही नहीं उन्होंने अपने आपको सभी गुटों में मान्य बनाने के लिए कमलनाथ सरकार के फैसलों में दूसरे गुटों के लोगों के समायोजन अड़ंगा लगाने के बजाय सहमति देने की रणनीति पर अमल शुरू किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रदेश में सरकार बनने के बाद कई बार पीसीसी अध्यक्ष पद से मुक्त होने की पेशकश की है, जिससे नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर राज्य में सियासी दांव-पेंच शुरू हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सिंधिया गुटों में चर्चित चेहरों के नाम भी सामने आने लगे हैं।

सरकार के मंत्रियों बाला बच्चन, जीतू पटवारी व उमंग सिंघार, अजय सिंह, रामनिवास रावत जैसे नेताओं के नाम चर्चा में भी आए। वहीं, समर्थकों ने अपने आका सिंधिया को ही पीसीसी अध्यक्ष बनाए जाने की खुलकर मांग की। उनके समर्थक मंत्रियों इमरती देवी, प्रुम्नसिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसौदिया ने तो सार्वजनिक रूप से बयान भी दिए।

डॉ. गोविंद सिंह से रिश्ते बेहतर किए सिंधिया ने स्वयं कभी नए पीसीसी अध्यक्ष के लिए अपनी दावेदारी को हवा नहीं दी, लेकिन कुछ समय से उन्होंने अपना सियासी दांव बदला है। एक समय उनके घोर विरोधी रहे मंत्री डॉ. गोविंद सिंह से अब उनके रिश्ते बेहतर होते जा रहे हैं। पिछले दिनों जब डॉ. सिंह के खिलाफ सिंधिया समर्थक विधायकों ने बयानबाजी की थी तो सिंधिया से दिल्ली में मुलाकात कर शिकायत की और उन्होंने विधायकों को समझाइश देकर डॉ. सिंह के खिलाफ बयानबाजी बंद करवाई। अभी वे अपने भिंड प्रवास पर जाने वाले हैं, जिसमें उनके मंत्री के निवास पर मुलाकात का कार्यक्रम तय है।

अशोक सिंह के नाम पर लगातार सहमति इसी तरह दिग्विजय सिंह समर्थक ग्वालियर के अशोक सिंह की अपेक्स बैंक में प्रशासक के रूप नियुक्ति पर भी सिंधिया ने सहमति देने में देरी नहीं की। वे अपने समर्थक मंत्री तुलसी सिलावट के यहां आयोजित डिनर पार्टी से मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ मीटिंग करने पहुंचे और वहीं उन्होंने सीएम के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी। हालांकि इसके पहले अशोक सिंह को लोकसभा टिकट दिलाने में भी सिंधिया से नेतृत्व की ओर से राय-मशविरा लिया गया था और तब भी उनकी सहमति से टिकट दिया गया था।

दौरों में हर गुट के नेता की ओर झुकाव सिंधिया के नए सियासी दांव में देखने में आया है कि उनके हाल के दौरों में हर गुट के नेता से वे मुलाकात करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें वे ध्यान रखते हैं कि एक बार अपने समर्थक से न मिलें, लेकिन दूसरे खेमे के नेताओं से जरूर भेंट करें। इंदौर में मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव के पहले वे अपने समर्थक नेताओं के बजाय विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, विनय बाकलीवाल, पंकज संघवी के घर जरूर गए। किसी के यहां सिंधिया ने सुबह का खाना खाया तो किसी के घर नाश्ता किया।

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