Liquor Latest Update 2022: दिवाली से ठीक पहले शराब प्रेमियों को लेकर सरकार का सबसे बड़ा फैसला, एक क्लिक में फटाफट जाने
आमजन के साथ ही संभ्रांत और वीवीआईपी कहे जाने वाले शराब का सेवन करते देखे जाते हैं.
Liquor Latest Update 2022
Bihar Liquor Ban 2022: बिहार शराब मुक्त प्रदेशों में से एक है। यहां शराब की बिक्री उत्पादन, एवं सेवन करना प्रतिबंध के दायरे में आता है। लेकिन हकीकत क्या प्रतिबंध के अनुसार है। अगर इस पर विचार किया जाए तो पता चलता है कि आमजन के साथ ही संभ्रांत और वीवीआईपी कहे जाने वाले शराब का सेवन करते देखे जाते हैं। नीतीश सरकार अब इस पर भी विशेष निगरानी करने की व्यवस्था पर लगी हुई है। लेकिन इसके पूर्व ही उनके अपने प्रशासनिक अधिकारी ही उल्टा सीधा बयान देकर सामने आ रहे हैं।
सरकार ने क्या बनाई है व्यवस्था Bihar Liquor Ban 2022
आइए यह जान ले कि बिहार की नीतीश सरकार ने मध्य निषेध प्रदेश को वास्तविक मध्य निषेध प्रदेश बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने बताया कि एक विशेष टीम बनाई गई है। जो गुप्त सूचना के आधार पर शराब पीते हुए लोगों पर छापामार कार्यवाही करेगी। फिर चाहे वह वीवीआइपी, वीआईपी तथा आमजन ही क्यों न हो। इन्हें पकड़कर गिरफ्तार किया जाएगा साथ ही कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
फस गया मामला Bihar Liquor Ban 2022
सरकार के इस आदेश के बाद समस्तीपुर के मध्य निधि निषेध अधीक्षक शैलेंद्र कुमार चौधरी का एक बयान उन्हें जी समस्याओं मैं उलझा दिया। शैलेंद्र कुमार का कहना था पकड़े वीआईपी लोगों को रखने के लिए उनके पास कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। उनके पास इस तरह का कोई विशेष सेल नहीं है जहां उन्हें रखा जा सके।
मच गया बवाल Bihar Liquor Ban 2022
अब क्या था शैलेंद्र कुमार के इस बयान के बाद पूरे प्रशासनिक अमले के साथ ही राजनीतिक क्षेत्रों में भी भूचाल सा आ गया। इस तरह के बयान देने पर उन्हें नोटिस जारी कर दी गई। साथ ही हिदायत दी गई कि बोलने के पहले ध्यान दें। मुख्य सचिव केके पाठक ने अधीक्षक से बात कर उन्हें उनकी गलती का एहसास करवाया। अधीक्षक ने भी अपनी गलती स्वीकार की।
कुल मिलाकर बिहार सरकार का प्रयास है कि प्रदेश को पूर्णरूपेण मध्य निषेध प्रदेश बनाया जाए। इसके लिए हर तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं।