राशन दुकान ही नहीं, अब पेट्रोल पंप से खरीदें मिट्टी का तेल; सरकार ने जारी किए नए नियम
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अब देश के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन। मिडिल ईस्ट जंग के बीच सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नियमों में दी गई बड़ी छूट।
अब पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा केरोसिन, मोदी सरकार ने नियमों में दी बड़ी ढील; जानें क्या है पूरा प्लान
नई दिल्ली. देश में ईंधन की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा निर्णय लिया है। अब आपको मिट्टी का तेल (केरोसिन) लेने के लिए सिर्फ राशन की दुकानों पर निर्भर नहीं रहना होगा। रविवार को सरकार ने घोषणा की कि अब चुनिंदा पेट्रोल पंपों के माध्यम से भी केरोसिन की बिक्री और वितरण किया जा सकेगा। यह फैसला विशेष रूप से उन जरूरतमंद परिवारों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो खाना पकाने और रोशनी के लिए केरोसिन का उपयोग करते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के बावजूद देश के अंतिम व्यक्ति तक ईंधन की पहुंच आसान बनी रहे।
हर जिले में 2 पेट्रोल पंपों पर मिलेगी यह खास सुविधा
नई गाइडलाइन के अनुसार, देश के प्रत्येक जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंपों का चयन करेगा। इन चिन्हित पेट्रोल पंपों पर ही केरोसिन रखने और बेचने की अनुमति होगी। सरकारी तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन केंद्रों पर स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करें। खास बात यह है कि इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक रखा जा सकेगा। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में 60 दिनों के लिए अस्थायी ढील दी है, ताकि सप्लाई चैन में कोई रुकावट न आए।
⚠️ 5 शर्तों के साथ मिलेगा केरोसिन
- केरोसिन का इस्तेमाल सिर्फ खाना बनाने और रोशनी के लिए ही होगा।
- एक पेट्रोल पंप पर 5,000 लीटर से ज्यादा स्टॉक नहीं रखा जाएगा।
- सभी सुरक्षा नियमों और संचालन गाइडलाइन का कड़ाई से पालन जरूरी होगा।
- केरोसिन के स्टॉक, सप्लाई और वितरण का पूरा लिखित रिकॉर्ड रखना होगा।
- प्रशासन और संबंधित एजेंसियां कभी भी इसकी जांच कर सकती हैं।
इजराइल-ईरान युद्ध और वैश्विक संकट का असर
सरकार का यह कदम अकारण नहीं है। वर्तमान में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी इस जंग की वजह से भारत में गैस, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर दबाव महसूस किया जा रहा है। केंद्र सरकार लगातार इन हालातों की निगरानी कर रही है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए किसी भी संभावित कमी से निपटने के लिए केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधन के वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।
घबराने की जरूरत नहीं: कच्चे तेल का स्टॉक है पर्याप्त
भले ही नियमों में बदलाव किया गया है, लेकिन सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। मंत्रालय के अनुसार, सभी भारतीय रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। देशभर के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य है। इसके अलावा, घरेलू जरूरतों को देखते हुए एलपीजी (LPG) के उत्पादन में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ राज्यों में सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण पंपों पर भीड़ बढ़ी है, जबकि हकीकत में तेल की कोई कमी नहीं है।
LPG और गैस सप्लाई की ताजा स्थिति
एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो वर्तमान में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में 55 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है। डिजिटल इंडिया का असर यहां भी दिख रहा है, जहां ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा 94% तक पहुंच गया है। साथ ही, सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं को भी 100% सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि शहरी क्षेत्रों में जीवन सामान्य बना रहे।
"सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।"
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
वैकल्पिक ईंधन और भविष्य की तैयारी
सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 48,000 किलो लीटर केरोसिन का आवंटन किया है ताकि एलपीजी पर निर्भरता को कम किया जा सके। साथ ही, सिटी गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में पीएनजी (PNG) कनेक्शन तेजी से बढ़ाएं। वर्तमान में औद्योगिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80% गैस दी जा रही है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके।