Karnataka Drama : सरकार गिरने के बाद अब आगे यह है संभव, शाह ने की नेताओं से चर्चा
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नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक में पिछले करीब तीन हफ्ते से चल रहे नाटक का मंगलवार शाम पटाक्षेप हो गया। एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी जदएस-कांग्रेस सरकार विधानसभा में विश्वास मत हासिल नहीं कर सकी।
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की ओर से पेश विश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में समर्थन में 99 वोट और विरोध में 105 वोट पड़े। सदन में 21 विधायक गैरहाजिर रहे। विश्वास मत हारने के बाद मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने अपना इस्तीफा राज्यपाल वजुभाई वाला को सौंप दिया।
इसके बाद अब आज तेजी से घटनाक्रम बदलने की उम्मीद की जा रही है। अब तक जारी नाटक के बाद अब आगे क्या संभावनाएं हैं इस पर मंथन जारी है। कुमारस्वामी के इस्तीफे के बाद जहां भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कर्नाटक के मसले पर पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। वहीं आज राज्य में भाजपा विधायक दल की बैठक होने जा रही है।
खबरों के अनुसार बैठक में शाह ने पार्टी नेताओं के साथ सलाह मशविरा किया कि कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी नीत गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीएस येद्दयुरप्पा मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा की पसंद हो सकते हैं।
राज्य में शीर्ष पद के लिए भाजपा की पसंद के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के एक नेता ने कहा कि येद्दयुरप्पा "जाहिर तौर पर" दावेदार हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह सहित पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बारे में निर्णय करेगा।
उल्लेखनीय है कि येद्दयुरप्पा को ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखा जा रहा है जिन्होंने राज्य में कांग्रेस-जदएस सरकार को सत्ता से हटाने के अभियान का नेतृत्व किया। कर्नाटक से आने वाले एवं संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "आखिर में सच्चाई की जीत हुई और कर्नाटक को लोकप्रिय भाजपा सरकार मिलेगी। सत्ता की भूखी कांग्रेस और जदएस ने सभी अलोकतांत्रिक तरीकों से सत्ता में बने रहने का अपना पूरा प्रयास किया।" इससे पहले भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि "भ्रष्ट, अवैध" गठबंधन सरकार का जाना राज्य के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है।
आगे क्या संभावनाएं
- राज्यपाल सदन में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
- भाजपा को फिलहाल 105 विधायकों का समर्थन है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा दो दिनों में नई सरकार बनाने का दावा कर सकती है।
- बागी विधायकों के इस्तीफे तथा अयोग्यता को लेकर होने वाले फैसले पर भी आगे की सियासत निर्भर करेगी।
- यदि इस्तीफे स्वीकार होते हैं तो बागी विधायक सदन की सदस्यता के बगैर भी छह महीने तक मंत्री बन सकते हैं।
- अयोग्यता की स्थिति में बगैर चुनाव जीते मंत्री बनना संभव नहीं होगा।