Irrfan Khan On Bakrid: बकरीद को लेकर अलग राय रखते थे एक्टर इरफ़ान खान, फैंस कर रहे मिस
Irrfan Khan On Animal Sacrifice: दिवंगत एक्टर इरफ़ान खान को बकरीद में उनके फैंस बहुत याद कर रहे हैं, क्योंकि बकरों कि कुर्बानी को लेकर उनकी अलग राय थी
Irrfan Khan Statement On Bakrid: आज इस्लाम मजहब का महत्वपूर्ण त्यौहार बकरीद है, देश सहित पूरी दुनिया में पशुओं की कुर्बानी दी जा रही है. लोग एक दूसरे के घर जा रहे हैं, गले मिल रहे हैं. इस त्यौहार का आनंद ले रहे हैं. लेकिन एक तबका ऐसा भी है जो अपने फेवरेट एक्टर इरफ़ान खान को इस मौके पर बहुत याद कर रहे हैं. दिवंगत एक्टर इरफ़ान खान मजहब और कुर्बानी को लेकर काफी अलग राय रखते थे, उन्होंने बकरीद के दिन जानवरों की कुर्बानी देने के प्रश्न पर ऐसा जवाब दिया था कि जिसने भी उनके विचारों को सुना था वो इरफ़ान खान का कायल हो गया था।
इरफ़ान खान जानवरों की कुर्बानी को लेकर क्या सोचते थे
साल 2016 में जब इरफ़ान खान अपनी फिल्म ;"मदारी" का प्रमोशन कर रहे थे, वो कट्टरपंथियों का निशाना बन गए थे, लेकिन इस दौरान उन्हें चाहने वालों की संख्या बढ़ गई थी. इरफ़ान खान का मानना था कि
"कुर्बानी का असली मतलब अपनी कोई प्यारी चीज़ कुर्बान करना होता है, ऐसी चीज़ जिससे आपका रिश्ता जुड़ा हो, वो आपके लिए अजीज हो, आपको पसंद हो, ईद में बाजार से खरीद कर बकरा लाया और उसकी कुर्बानी देदी, इसे कुर्बानी कहना ही गलत है। आपका उस बकरे से कोई लेना देना नहीं है, इससे कौन सी दुआ कबूल होती है? हर आदमी अपने दिल से पूछे कि किसी की जान लेने से कैसे पुण्य मिलता है?"
इरफ़ान का कहना था कि कुर्बानी का मतलब अपनी पसंदीदा चीज़ को त्यागना होता है, ना की किसी जानवर को हलाल कर देना कुर्बानी होता है. इरफ़ान खान के इसी विचार को लेकर उन्हें आज उनके फैंस खूब मिस कर रहे हैं. हालांकि जब इरफ़ान ने यह स्टटेंट दिया था तब कई लोगों ने इसका विरोध किया था और कहा था कि इरफ़ान लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.