भाजपा नेता एवं राज्यसभा प्रत्यासी 'ज्योतिरादित्य सिंधिया' पर जानलेवा हमला
भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जानलेवा हमला किया और काले झंडे दिखाए।
शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे भी दिखाएं
भोपाल. मध्यप्रदेश की सियासत इन दिनों उठापटक के दौर में हैं। ज्योतिरादत्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं वहीं, दूसरी तरफ सिंधिया के भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जानलेवा हमला किया और काले झंडे दिखाए। Deadly attack on BJP leader and Rajya Sabha candidate 'Jyotiraditya Scindia'
शिवराज ने सरकार पर बोला हमला मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा- मैं स्तब्ध हूं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। प्रदेश में अराजकता का माहौल है। आम आदमी की बात छोड़िए पूर्व केंद्रीय मंत्री, भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार, श्रीमान ज्योतिरादित्य सिंधिया के ऊपर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया। मैं श्रीमान ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमले की कड़ी निंदा करता हूं और पुलिस प्रशासन से अपील करता हूं कि जो भी दोषी हैं, उन पर कार्रवाई करे।
मैं स्तब्ध हूं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। प्रदेश में अराजकता का माहौल है। आम आदमी की बात छोड़िए पूर्व केंद्रीय मंत्री, भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार, श्रीमान ज्योतिरादित्य सिंधिया के ऊपर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया। #MP_मांगे_जवाब pic.twitter.com/u6RLwcEbjS
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 13, 2020
एयरपोर्ट जा रहे थे सिंधिया दरअसल, राज्यसभा का नामांकन करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया एयरपोर्ट जा रहे थे। इस दौरान राजधानी भोपाल के कमला पार्क इलाके में सिंधिया के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान सिंधिया के काफिले को काले झंडे दिखाए गए और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान विवादित टिप्पणी करते हुए पत्थरबाजी भी की।
धरने पर बैठे भाजपाई भाजपा नेता आलोक शर्मा ने कहा- कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर ज्योतिराजित्य सिंधिया के काफिले पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया उन्हें काले झंडे दिखाए गए उनकी गाड़ी में पत्थर भी फेंके गए। कमलनाथ सरकार के दबाव में पुलिस अधिकारी ने एफआइआर दर्ज करने से इनकार किया जिसके बाद हम लोगों को धरने पर बैठना पड़ा।