सावधान! लगातार बढ़ रहें हैं Cyber Fraud के मामले, पढ़ लें...नहीं तो आपकी भी गाढ़ी कमाई पर लग सकती हैं सेंध
रीवा। जिस तरह से साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं उससे बैंक में जमा आपकी गाढ़ी कमाई भी सुरक्षित नहीं है। घर में
लगातार बढ़ रहें हैं Cyber Fraud के मामले, आपकी सतर्कता है जरूरी
जिस तरह से साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं उससे बैंक में जमा आपकी गाढ़ी कमाई भी सुरक्षित नहीं है। घर में रखो तो चोरी-डकैती का डर बना रहता है। जान-माल का भी भय रहता है। लोग बैंक अपनी गाढ़ी कमाई सुरक्षित मानकर रखने लगे किंतु अब बैंक में भी यह सुरक्षित नहीं है।
आये दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां बैंक खातों से लोगों की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये पार कर दिये जाते हैं और पीड़ित के सामने पश्चाताप के अलावा कुछ नहीं बचता।
धोखाधड़ी से बचने बैंक और सरकार कर रही हैं जागरूक
हालांकि सरकार एवं बैंकों की कोशिशें हैं कि लोगों को धोखाधड़ी से बचाया जाय फिर भी लोग Cyber एवं ATM Fraud शिकार हो रहे हैं और उनकी गाढ़ी कमाई पार कर दी जाती है। फिर हाथ मलने की अलावा कुछ नहीं बचता। सरकार एटीएम धोखाधड़ी से लोगों को बचाने काफी प्रयास कर रही है। टेलीविजन, रेडियो, न्यूज पेपर आदि में एडवरटाइजमेंट के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है फिर भी लोग धोखाधड़ी करने वालों की जाल में फंस ही जाते हैं।
आमजनों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने जनजागरुकता का लगातार किया जा है किंतु मोबाइल पर आने वाले लोक लुभावनी बातों के चक्कर में फंस ही जाते हैं। सप्ताह में एक-दो मामले सामने आ ही जाते हैं जिसमें ATM Fraud का शिकार हो रहे हैं।
विगत दिनों Cyber Fraud का शिकार एक राजस्व अधिकारी हो गये। उनके मोबाइल पर एक काॅल आया और खाते से 23 हजार रुपये पार कर दिये गये। खाते से रुपये निकल जाने का मैसेज आया तो उनके होश उड़ गये।
वर्तमान में ऑनलाइन एवं एटीएम ठगी के मामले बढ़े हुए हैं। यदि लोग जागरूक नहीं हुए तो ऐसे ही ठगी का शिकार होते रहेंगे, इसके लिए सबसे पहले आपको खुद सतर्कता बरतनी होगी, आपके बैंक डिटेल्स गोपनीय होते हैं, कोई भी बैंक या आधिकारिक संस्था कभी भी फोन के माध्यम से आपसे बैंक डिटेल्स जैसे ATM से सम्बंधित जानकारी, UPI, Mobile Banking आदि की जानकारी नहीं मांगता, बावजूद लोग Cyber Fraud के झांसे में आकर अपनी बैंक संबधी गुप्त जानकारियां साझा कर जाते हैं।
न बैंक के अधिकारी-कर्मचारी सुनते, न पुलिस
सालों की मेहनत की कमाई एक झटके में चली जाय और पीड़ित पुलिस थाना का चक्कर लगाता रहे लेकिन उसे मदद नहीं मिल पाती। बैंक के कर्मचारी-अधिकारी भी तरह-तरह की बातें समझाने लगते हैं, अब हम क्या करें। तुम ऐसा क्यों कर दिये। इसमें हमारी क्या गलती है। लेकिन धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आश्वासन न पुलिस दे पाती है और न ही बैंक के अधिकारी दे पाते। यही कारण है कि धोखाधड़ी बढ़ रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
कभी भी किसी अंजान व्यक्ति एटीएम से कैश निकालने में मदद न लें। मोबाइल पर किसी प्रकार की जानकारी साझा न करें। कार्ड को डालते समय एटीएम या पीओएस कीपैड को कवर कर लें। अपने पीछे के किसी भी व्यक्ति द्वारा पिन नंबर चोरी किये जाने से बचाएं। कार्ड खोने या चोरी हो जाने पर इसकी तुरंत बैंक में दें और उसे लाॅक कराएं। कभी-कभी एकाउंट से कैश डेबिट हो जाता है लेकिन बाहर नहीं आता। ऐसा होने पर तुरंत बैंक में फोन कर जानकारी दें।