ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करना पड़ सकता है भारी: न मिलेगा पूरा रिफंड, न मुआवजा; आयोग ने कहा– गलत प्रक्रिया अपनाई
ट्रेन लेट होने पर जल्दबाजी में टिकट कैंसिल करना यात्रियों को भारी पड़ सकता है। भोपाल उपभोक्ता आयोग ने साफ कहा– गलत प्रक्रिया अपनाने पर न पूरा रिफंड मिलेगा, न मुआवजा। जानिए सही नियम और TDR का तरीका।
- ट्रेन लेट होने पर जल्दबाजी में टिकट कैंसिल करना पड़ सकता है महंगा
- भोपाल उपभोक्ता आयोग का फैसला– गलत प्रक्रिया अपनाई, रेलवे दोषी नहीं
- 3 घंटे या ज्यादा देरी पर TDR फाइल करना जरूरी
- सीधे टिकट कैंसिल करने पर पूरा रिफंड नहीं मिलेगा
ट्रेन लेट होने की स्थिति में जल्दबाजी में लिया गया एक गलत फैसला यात्रियों को आर्थिक और कानूनी दोनों स्तर पर भारी पड़ सकता है। भोपाल के एक रेल यात्री के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने साफ कर दिया है कि अगर ट्रेन देरी से चलने पर यात्री रेलवे के तय नियमों का पालन नहीं करता और सीधे टिकट कैंसिल कर देता है, तो न तो उसे पूरा रिफंड मिलेगा और न ही मानसिक क्षतिपूर्ति का कोई दावा टिक पाएगा।
Consumer Commission Verdict | आयोग का अहम फैसला
यह फैसला उन लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ा सबक है, जो ट्रेन लेट होते ही बिना प्रक्रिया समझे टिकट कैंसिल कर देते हैं। आयोग ने माना कि ट्रेन देरी से पहुंची थी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यात्री ने उस स्थिति में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जो उसे नियमों के तहत करना चाहिए था। इसी आधार पर आयोग ने शिकायत खारिज करते हुए कहा कि केवल ट्रेन के लेट होने से ही रेलवे को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब यात्री स्वयं निर्धारित प्रक्रिया से हटकर कदम उठाए।
Case Details | क्या था पूरा मामला?
मामला भोपाल निवासी एक यात्री से जुड़ा है, जिसने सितंबर 2023 में भोपाल से नई दिल्ली के लिए आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस में AC-2 श्रेणी का टिकट बुक किया था। तय समय पर पहुंचने के बजाय ट्रेन नई दिल्ली करीब तीन घंटे की देरी से पहुंची, जिससे यात्री की आगे की कनेक्टिंग यात्रा प्रभावित हो गई। नई दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस छूट जाने के बाद यात्री ने दोनों टिकट कैंसिल करा दिए। बाद में जब टिकट राशि का पूरा रिफंड नहीं मिला तो यात्री ने इसे रेलवे की सेवा में कमी बताते हुए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
What Commission Said | आयोग ने क्या कहा?
जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायत खारिज करते हुए कहा कि यात्री ने वह प्रक्रिया नहीं अपनाई, जो ट्रेन देरी की स्थिति में जरूरी होती है। आयोग के अनुसार, अगर ट्रेन तीन घंटे या उससे ज्यादा लेट हो तो यात्री को टिकट कैंसिल करने के बजाय TDR (Ticket Deposit Receipt) दाखिल करनी चाहिए थी। टिकट स्वयं कैंसिल करने पर रेलवे द्वारा की गई कटौती नियमों के अनुरूप है, इसलिए इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता।
Railway Rules Explained | सही तरीका क्या है?
रेलवे नियमों के अनुसार, अगर आपकी ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा देरी से चल रही है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो आपको सीधे टिकट कैंसिल नहीं करना चाहिए। आपको TDR फाइल करनी होती है, जिससे यह रिकॉर्ड हो सके कि आपने ट्रेन की देरी के कारण यात्रा नहीं की। TDR दाखिल करने पर ही पूरा रिफंड और अन्य दावों पर विचार किया जाता है। सीधे टिकट कैंसिल करने पर कैंसिलेशन चार्ज कट जाता है और यात्री को पूरा पैसा नहीं मिलता।
Big Lesson for Passengers | यात्रियों के लिए बड़ा सबक
यह फैसला साफ संदेश देता है कि ट्रेन लेट होने पर घबराकर लिया गया फैसला आपको नुकसान में डाल सकता है। यात्रियों को चाहिए कि वे पहले रेलवे के नियम समझें, फिर कोई कदम उठाएं। सही प्रक्रिया अपनाने से ही आपको पूरा रिफंड और वैध दावा करने का अधिकार मिल सकता है।
ट्रेन लेट हो जाए तो ये गलती न करें
- घबराकर तुरंत टिकट कैंसिल न करें: ट्रेन तीन घंटे या उससे ज्यादा लेट होने पर टिकट कैंसिल करने से पूरा पैसा नहीं मिलता, क्योंकि कैंसिलेशन चार्ज कटता है।
- TDR फाइल किए बिना मुआवजे की उम्मीद न करें: TDR दाखिल किए बिना उपभोक्ता फोरम में दावा कमजोर हो जाता है और राहत मिलना मुश्किल हो जाता है।
- कनेक्टिंग ट्रेन छूटने के सबूत नजरअंदाज न करें: यह साबित करना जरूरी होता है कि पहली ट्रेन की देरी के कारण ही दूसरी ट्रेन छूटी। टिकट, टाइमिंग और यात्रा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी है।
- रेलवे नियम जाने बिना शिकायत न करें: रेलवे रिफंड और मुआवजा तय नियमों के तहत ही देता है, भावनात्मक आधार पर नहीं।
ट्रेन के डिले या कैंसिल होने पर ये हैं यात्रियों के अधिकार
- अगर ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा की देरी से चलती है तो यात्री टिकट का रिफंड ले सकते हैं।
- अगर राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदेभारत जैसी ट्रेनें 3 घंटे की देरी से चल रही हों तो IRCTC को फ्री खाना देना होगा।
- अगर भारतीय रेलवे द्वारा कोई ट्रेन रद्द कर दी जाती है तो यात्री रिफंड की मांग कर सकते हैं।
- किसी कारण से ट्रेन मिस करने पर भी आपको रिफंड मिल सकता है। इसके लिए ट्रेन के स्टेशन छोड़ने के 1 घंटे के अंदर TDR फॉर्म भरकर टिकट काउंटर पर जमा कराना होगा।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रेन 3 घंटे लेट हो तो क्या करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में सीधे टिकट कैंसिल न करें। आपको TDR फाइल करनी चाहिए, ताकि पूरा रिफंड मिल सके।
सीधे टिकट कैंसिल करने पर क्या नुकसान होगा?
सीधे कैंसिल करने पर कैंसिलेशन चार्ज कट जाता है और पूरा रिफंड नहीं मिलता।
क्या ट्रेन लेट होने पर रेलवे हमेशा जिम्मेदार होता है?
नहीं। अगर यात्री नियमों के अनुसार प्रक्रिया नहीं अपनाता, तो रेलवे को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।