MP में 26 IAS के तबादले: इंदौर से हटाए गए निगमायुक्त को 16 दिन में नई कुर्सी, दिलीप यादव बने पर्यटन विकास निगम के MD; देखें अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट
इंदौर दूषित जल कांड में हटाए गए IAS दिलीप यादव को 16 दिन में नई पोस्टिंग मिली। उन्हें मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का एमडी बनाया गया। इसी के साथ MP में 26 IAS अफसरों के तबादले हुए। जानिए पूरा प्रशासनिक फेरबदल।
News Highlights
- इंदौर से हटाए गए IAS दिलीप यादव को 16 दिन में नई पोस्टिंग
- मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के MD बनाए गए
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 26 IAS अफसरों के तबादले किए
- प्रशासनिक हलकों में फैसले को लेकर चर्चा तेज
इंदौर के दूषित जल कांड के बाद नगर निगम कमिश्नर पद से हटाए गए IAS अफसर दिलीप यादव को महज 16 दिनों के भीतर नई जिम्मेदारी मिल गई है। राज्य सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक (MD) नियुक्त कर दिया है। यह फैसला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि आम तौर पर ऐसे मामलों में अफसरों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
दिलीप यादव को 2 जनवरी को इंदौर नगर निगम कमिश्नर पद से हटाकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव बनाकर भोपाल भेजा गया था। उनकी जगह क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया कमिश्नर बनाया गया। अब महज ढाई हफ्ते के भीतर यादव को एक बार फिर अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
CM’s Big Move | मोहन यादव का बड़ा प्रशासनिक फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावोस यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले रविवार शाम को राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 26 IAS अधिकारियों के तबादले किए। इस सूची में प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव, सचिव और उपसचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। यह फेरबदल केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि सरकार की प्रशासनिक रणनीति को भी दर्शाता है।
इस बदलाव में सबसे अहम फैसला दिलीप यादव की नई पोस्टिंग को लेकर माना जा रहा है। एक ओर जहां उन्हें इंदौर जैसे बड़े नगर निगम से हटाया गया था, वहीं दूसरी ओर अब उन्हें पर्यटन विकास निगम जैसे महत्वपूर्ण संस्थान की कमान सौंप दी गई है। इससे यह संदेश भी गया है कि सरकार अफसरों पर पूरी तरह से दरवाजा बंद नहीं करती।
What It Means | प्रशासनिक हलकों में क्या संदेश?
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला दोहरे संदेश देता है। पहला—सरकार लापरवाही पर कार्रवाई करने से नहीं हिचकती। दूसरा—एक गलती के बाद अफसर का करियर खत्म नहीं किया जाता। दिलीप यादव की वापसी इस बात का संकेत है कि सरकार प्रदर्शन और अनुभव को भी महत्व देती है।
पर्यटन विकास निगम की कमान ऐसे समय में दी गई है, जब मध्य प्रदेश सरकार राज्य को टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह जिम्मेदारी केवल औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी है।
Full Reshuffle Impact | 26 IAS अफसरों का बड़ा फेरबदल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल में प्रदेश के कई अहम विभागों की कमान बदली गई है। शिवशेखर शुक्ला को गृह विभाग की पूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जो अब तक उनके पास प्रभार में थी। यह निर्णय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
स्वतंत्र कुमार सिंह को गैस राहत एवं त्रासदी विभाग से हटाकर मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग का सचिव बनाया गया है। वहीं उमाकांत उमराव से खनिज साधन विभाग वापस लेते हुए उन्हें पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव पद पर बरकरार रखा गया है।
विशेष गढ़पाले को ऊर्जा विभाग के सचिव के साथ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर का प्रबंध संचालक बनाया गया है। तरुण राठी को आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं से हटाकर आयुक्त, आदिवासी विकास की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह शोभित जैन को खाद्य विभाग से हटाकर पशुपालन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
Trust in Seniors | सीनियर अफसरों पर जताया भरोसा
इस फेरबदल में सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह सीनियर अफसरों पर भरोसा बनाए रखना चाहती है। प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देने के साथ-साथ कई सचिवों को पहली बार स्वतंत्र विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें शोभित जैन, स्वतंत्र कुमार, इलैया राजा, जॉन किंग्सले, आलोक सिंह और श्रीमन शुक्ला जैसे नाम शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग में भी तीन नए अधिकारियों—धनराजू एस, राहुल हरिदास और दिशा नागवंशी—की पदस्थापना की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार प्रशासनिक मशीनरी को नए सिरे से सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाना चाहती है।
FAQs
Q1. दिलीप यादव को क्यों हटाया गया था?
इंदौर में दूषित जल कांड के बाद प्रशासनिक लापरवाही के आधार पर उन्हें नगर निगम कमिश्नर पद से हटाया गया था।
Q2. अब उन्हें कौन सा पद दिया गया है?
उन्हें मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक (MD) बनाया गया है।
Q3. सरकार इस फेरबदल से क्या संदेश देना चाहती है?
सरकार यह दिखाना चाहती है कि वह लापरवाही पर कार्रवाई करती है, लेकिन योग्य अफसरों को सुधार का अवसर भी देती है।