सतना से अलग होना चाहते हैं उचेहरा और परसमनिया के निवासी, नवगठित जिले मैहर में शामिल करने की मांग जोर पकड़ने लगी

सतना से अलग कर उचेहरा और परसमनिया सर्किल को नवगठित मैहर जिले में शामिल करने की मांग जोर पकड़ने लगी है.

Update: 2023-09-20 07:08 GMT

सतना से अलग कर उचेहरा और परसमनिया सर्किल को नवगठित मैहर जिले में शामिल करने की मांग जोर पकड़ने लगी है. 

मैहर / सतना. उचेहरा और परसमनिया सर्किल को सतना से विभाजित कर नवगठित मैहर जिले (Newly Formed District Maihar) में शामिल करने की मांग जोर पकड़ने लगी है. उचेहरा व्यापारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है. व्यापारी संघ के पदाधिकारी दोनों सर्किल में गांव-गांव, घर- घर पहुंच कर जनजागृति अभियान चला रहे हैं. उचेहरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष डा. पवन ताम्रकार के मुताबिक पीतल नगरी उचेहरा का हित मैहर जिले के साथ है.

उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में जिला प्रशासन द्वारा राजस्व मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव के तहत उचेहरा और परसमनिया सर्किल को नवीन मैहर जिले में शामिल किया जाना चाहिए. इसी प्रस्ताव के तहत कमलनाथ सरकार की कैबिनेट ने सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी थी.

बड़ा सवाल, कैसे बदला प्रस्ताव

बड़ा सवाल यह है कि जब सतना जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर उचेहरा और परसनिया सर्किल को मैहर जिले में शामिल करने की सैद्धांतिक स्वीकृति कैबिनेट ने दी थी तो कैबिनेट की स्वीकृति, आखिर क्यों और किसके प्रभाव में बदल दी गई? ऐसी क्या मजबूरी थी कि मैहर की जगह उचेहरा तहसील के इन दोनों राजस्व सर्किलों के 148 गांवों का 63297.286 हेक्टेयर भूभाग मैहर की बजाय सतना जिले में जोड़ दिया गया? संघ ने इस आशय की दावा आपत्ति भी दर्ज कराई है.

उचेहरा से सिर्फ 10 किमी है मैहर

व्यापारी संघ के अध्यक्ष डा. पवन ताम्रकार ने बताया कि उचेहरा से मैहर की दूरी महज 10 किलोमीटर है, जबकि सतना जिला मुख्यालय से इसी उचेहरा की दूरी 25 किलोमीटर है. उचेहरा के परसमनिया सर्किल के अंतिम गांव की सतना से दूरी 65 किलोमीटर है, जबकि मैहर से आलमपुर महज 20 किलोमीटर के फासले पर है.

डा.ताम्रकार ने कहा कि भौगोलिक एवं व्यवहारिक दृष्टि से भी उचेहरा एवं परसमनिया सर्किल के हित मैहर के साथ जाने में हैं, जबकि उचेहरा तहसील के अटरा और लगरगवां सर्किल को सतना जिले में रखना उचित है.

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