एमपी के जबलपुर की पैरा शूटर रुबीना ने देश को दिलाया सिल्वर मेडल, एशियन गेम्स की कर रहीं तैयारी

MP News: मध्यप्रदेश के जबलपुर की पैरा पिस्टल शूटर रुबीना फ्रांसिस ने देश का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स वर्ल्ड 2023 में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में रजत पदक हासिल किया।

Update: 2023-07-16 08:50 GMT

मध्यप्रदेश के जबलपुर की पैरा पिस्टल शूटर रुबीना फ्रांसिस ने देश का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स वर्ल्ड 2023 में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में रजत पदक हासिल किया। शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप ओसिजेक (क्रोएशिया) में आयोजित किया गया। जहां हंगरी की क्रिस्टीना डेविड ने 234.7 पॉइंट्स के साथ स्वर्ण और तुर्की की अयसगुमल पहलीवनलर ने 209.5 अंकों के साथ कांस्य पद हासिल किया। जबकि रुबीना ने 232.2 पॉइंट्स हासिल कर दूसरा स्थान अर्जित किया।

बना चुकी हैं विश्व रिकॉर्ड

जबलपुर के मैकेनिक की बेटी रुबीना के नाम पेरू के लीमा में पैरा विश्व कप शूटिंग में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड है। इसके पूर्व भी वह विश्व रिकॉर्ड बना चुकी हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने बैंकाक में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल महिला टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर जूनियर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। रुबीना ने क्रोएशिया में 2019 में विश्व पैरा चैम्पियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था।

रुबीना ले रहीं स्पेशल ट्रेनिंग

रुबीना फ्रांसिस का कहना है कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक कोटा इवेंट क्वालिफाई करना है और 241 पॉइंट्स का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ना है। यह रिकॉर्ड अभी तुर्की की खिलाड़ी के पास है। जिसके लिए रुबीना खास तैयारी कर रही हैं। वह नेशनल पैरा शूटिंग कोच सुभाष चंद्रा से इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग ले रही है। रुबीना अब वर्ल्ड चैम्पियनशिप और एशियन गेम्स जो इसी वर्ष लीमा और चीन में होने वाले हैं उसकी तैयारी में जुटी हुई हैं। वर्तमान में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 (विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट रैंकिंग) में इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन द्वारा रुबीना तीसरे नंबर पर हैं।

पैरों से 40 प्रतिशत हैं दिव्यांग

जबलपुर की रुबीना फ्रांसिस को रिकेट्स है और वह पैरों से 40 प्रतिशत दिव्यांग हैं। रिकेट्स एक ऐसी स्थिति है जो बच्चों में हड्डियों के विकास को प्रभावित करती है। यह बीमारी हड्डियों में दर्द और कमजोर का कारण बनती है। जिससे हड्डियों में विकृति आ सकती है। 24 वर्षीय रुबीना एमपी शूटिंग अकादमी में पिस्टल शूटिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं। रुबीना का कहना है कि उनकी दिव्यांगता कभी लक्ष्य के बीच नहीं आई। परिवार ने हमेशा उनका साथ देते हुए हौंसला बढ़ाए रखा।

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