देशभर में तहलका मचाएंगा जबलपुर का 'जबलपुरी मटर', अपने अलग स्वाद के लिए है मशहूर

मध्य प्रदेश के जबलपुर का 'जबलपुरी मटर' (Jabalpuri Matar) प्रदेश नहीं पूरे भारत में फेमस हो रहा है।

Update: 2021-10-26 12:12 GMT

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर जिले (Jabalpur District) में व्यापक पैमाने पर मटर की पैदावार हो रही है। जिसकी बिक्री देश के कई राज्यों में हो रही है। जबलपुर में होने वाला यह मैटर देश में अपना नाम बना चुका है। खरीदने वाले लोग भी व्यापारियों से 'जबलपुरी मटर' (Jabalpuri Matar) की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग (Horticulture and Food Processing Department)  'जबलपुरी मटर' के नाम से रजिस्ट्रेशन करवा रहा है। विभाग का कहना है 'जबलपुरी मटर' के नाम से छपी बोरिया व्यापारियों को देंगे जैसे मटर को खरीदी के बाद इन्हीं बोरियों में भरकर देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा जाए।

हरे मटर का 400 करोड़ का कारोबार

जानकारी के अनुसार जबलपुर जिले (Jabalput District) की कई तहसीलों में इस मटर की व्यापक स्तर पर खेती हो रही है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 30 हजार हेक्टेयर के रकवे की खेती विगत कई वर्षों से है। जिससे 2 लाख 40 हजार मैट्रिक टन का उत्पादन होता है। मटर का यह कारोबार करीब 400 करोड रुपए के आसपास है। 'जबलपुरी मटर' (Jabalpuri Matar) की मांग काफी ज्यादा होने से विस्तार की ओर विभाग ने ध्यान देना प्रारंभ कर दिया है। जानकारी के अनुसार 'जबलपुरी मटर' (Jabalpuri Matar) की आपूर्ति मध्य प्रदेश के कई जिलों के साथ ही महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात दक्षिण भारत के राज्यों में किया जा रहा है। व्यापारियों की मानें तो लगातार वर्ष दर वर्ष इस 'जबलपुरी मटर' की मांग बढ़ती ही जा रही है।

ब्रांडिंग की तैयारी में विभाग

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग जबलपुर में पैदा होने वाले इस मटर के ब्रांडेड की तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले बोरियों में 'जबलपुरी मटर' (Jabalpuri Matar) नाम से छपाई करवाई जाएगी बाद में इसे व्यापारियों को दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि बोरियों में नाम छपे होने से एक अलग ब्रांड रहेगा। अपने स्वाद के लिए पहचान बना चुका यह मटर अब अपने नाम से जाना जाएगा।

किसानों ने दी सलाह

मटर की ब्रांडिंग नाम की जानकारी होने के बाद किसानों ने भी सलाह दिया है। किसानों का कहना है कि नाम रखना तो ठीक है इस नाम के साथ मां नर्मदा का नाम भी आना आवश्यक है। किसानों ने सलाह देते हुए बताया है कि 'मां नर्मदा के पवित्र जल से सिंचित जबलपुरी मटर' (Jabalpuri Matar) का नाम बहुत ही उपयुक्त है।

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