अंबेडकर पोस्टर केस: एडवोकेट अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत — पुलिस को फटकार, जुलूस निकालने पर रोक
अंबेडकर पोस्टर जलाने के मामले में गिरफ्तार एडवोकेट अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत मिली। कोर्ट ने एक-एक लाख के मुचलके और जमानत पर रिहाई का आदेश दिया, पुलिस प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- हाईकोर्ट ने एडवोकेट अनिल मिश्रा को दी जमानत
- ₹1 लाख निजी मुचलका और ₹1 लाख जमानत पर रिहाई
- पुलिस की कार्रवाई पर कड़े सवाल
- मामले से जुड़े जुलूस और गतिविधियों पर रोक
ग्वालियर. डॉ. भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाने से जुड़े मामले में गिरफ्तार एडवोकेट अनिल मिश्रा को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें ₹1 लाख के निजी मुचलके और ₹1 लाख की जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही अदालत ने मामले में पुलिस द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कीं।
“अवैध हिरासत” पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
हाईकोर्ट ने कहा कि अनिल मिश्रा को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कई प्रोसीजरल गलतियां हुईं। अदालत का कहना था कि पुलिस चाहती तो नोटिस देकर भी आगे की कार्रवाई कर सकती थी।
मामला क्या है?
1 जनवरी की रात अंबेडकर पोस्टर जलाने के आरोप में ग्वालियर साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। मामले में अनिल मिश्रा सहित 8 लोगों को आरोपी बनाया गया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस विवाद से जुड़े जुलूस और अन्य गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए हैं।
अन्य आरोपियों को भी मिल सकती है राहत
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस आदेश के बाद बाकी आरोपियों को भी निचली अदालत से जमानत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं, एफआईआर रद्द कराने के लिए अलग कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
दलित संगठनों ने किया था विरोध
2 जनवरी को ग्वालियर में भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और कई सामाजिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और मुख्य आरोपी पर NSA लगाने की बात कही थी।
FAQs — Anil Mishra Bail Case
जमानत पर कितनी राशि जमा करनी पड़ी?
₹1 लाख निजी मुचलका और ₹1 लाख जमानत राशि।
क्या पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठे?
हाँ — कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में कई गलतियां हुईं।
क्या जुलूस निकालने की अनुमति है?
नहीं — कोर्ट ने जुलूस और संबंधित गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगाई है।