एमपी के छतरपुर में बिना सिर और बगैर हाथ पैर वाले बच्चे ने लिया जन्म

छतरपुर जिला अस्पताल में जन्मा एक नवजात लोगों के कौतूहल का विषय बना रहा। बिना सिर और बगैर हाथ-पैर वाले जन्मे इस बच्चे को देखने के लिए अस्पताल में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

Update: 2022-12-28 11:27 GMT

छतरपुर जिला अस्पताल में जन्मा एक नवजात लोगों के कौतूहल का विषय बना रहा। बिना सिर और बगैर हाथ-पैर वाले जन्मे इस बच्चे को देखने के लिए अस्पताल में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। चिकित्सकों की मानें तो उसका पूरी तरह से विकास नहीं हो पाया था और उसने जन्म ले लिया।

जुड़वा बच्चों को दिया जन्म

जिला अस्पताल छतरपुर में बुधवार को लवकुश नगर थाना क्षेत्र की 25 वर्षीय महिला जिला अस्पताल में डिलेवरी के लिए आई। बताया गया है कि महिला ने एक घंटे के अंतराल में दो बच्चों को जन्म दिया। पहली जन्म लेने वाली बच्ची स्वस्थ्य बताई गई है। जबकि दूसरे जन्म लिए शिशु के सिर व हाथ-पैर तक नहीं हैं। उसका धड़ और हाथ-पैर तक अविकसित हैं। जब इस बात की जानकारी लोगों को हुई तो वहां लोग एकत्रित होने लगे। चिकित्सकों की मानें तो दूसरा बच्चा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया और उसने जन्म ले लिया। चिकित्सकों का कहना है कि परिजनों को दूसरा बच्चा समझाइश देकर दिया जाएगा कि वे कहीं पुरानी विचारधारा और रूढ़िवादिता के चलते घर ले जाकर उसकी पूजा-पाठ न करने लगें।

नहीं चल रही थी हार्टबीट

जिला अस्पताल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट की मानें तो हाल ही में जिला अस्पताल में दो ट्विंस बेबी पैदा हुए हैं जिनमें से एक बच्चा तो स्वस्थ है किंतु दूसरा बच्चा एबनॉर्मल पैदा हुआ है। यह मल्टीपल केन्जाइटल डिफार्टमिट है। ग्रोथ नहीं होने के कारण उसके पैर प्रॉपर नहीं हैं, ब्रेन व सिर, हाथ-पैर तक नहीं हैं। उनका कहना है कि बच्चा जीवित नहीं है और वह पेट के अंदर भी जीवित नहीं था। उसके अविकसित होने का कारण उसमें प्रॉपर सप्लाई न होना था। जिससे वह बढ़ तो गया पर केवल मांस के टुकड़े की तरह। उसके अंदर-बाहर के आर्गन विकसित नहीं हो पाए। बच्चे की हार्टबीट भी नहीं चल रही थी जिससे यह पता चलता है कि उसे हार्ट भी नहीं था। फिलहाल बच्चे का पीएम करवाया जा रहा है जिससे और जानकारी सामने आ सकती है।

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