जम्मू-कश्मीर में मिले लिथियम भंडार के खनन का कॉन्ट्रैक्ट इन तीन कंपनियों को मिल सकता है
Lithium reserves found in Jammu and Kashmir: देश में तीन बड़ी कंपनियां है जिन्हे लिथियम भंडार में खनन का दाम दिया जा सकता है
Lithium reserves found in Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर में 5.9 मिलियन टन लिथियम का भंडार मिला है. ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत में बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले Lithium के स्त्रोत मिले हैं. भारत लिथियम के लिए पूरी तरह से दूसरे देशों पर आश्रित रहा है, मगर इस भंडार के मिलने के बाद भारत दूसरे देशों को लिथियम एक्सपोर्ट कर सकता है.
लिथियम का भंडार मिलना ख़ुशी की बात है. इससे भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत बढ़ावा मिलने वाला है. मगर सवाल ये है कि अब इस लिथियम के भंडार का खनन कौन करेगा? देखा जाए तो भारत में तीन शीर्ष लिथियम खनन कंपनियां (Top 3 Lithium Mining Companies in India) हैं. जो इस काम को अंजाम दे सकती हैं. ये तीनों कंपनियां खनन मंत्रालय द्वारा बनाए गए संयुक्त उधम खानजी बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) का हिस्सा हैं.
भारत की टॉप लिथियम खनन कंपनियां
1. NALCO
नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड यानी NALCO में भारत सरकार की 51.28% हिस्सेदारी है. NALCO 1989 में लंदन मेटल एक्सचेंज में रजिस्ट्रेशन कर देश की पहली इंटरनेशनल मार्केट कंपनी बनी थी.
2.मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड
मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड एक पब्लिक सेक्टर कंपनी है. जो 1972 में स्थापित हुई थी. यह अभी तक 1,593 से अधिक प्रोजेक्ट्स और रिपोर्ट्स को पूरा कर चुकी है..इसके अलावा कंपनी ने दिसंबर 2022 तक 1.96 लाख टन खनिजों और ओर्स (ores) रिजर्व भी स्थापित किया है.
3. HCL
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड भी एक पब्लिक सेक्टर कंपनी है. जो 1967 से संचालित है. मौजूदा समय में यह कंपनी खनन के साथ बेनीफिकेशन का काम करती है. यह मुख्य रूप से कॉपर कंसन्ट्रेस बेचती है
जम्मू कश्मीर में इतना बड़ा लिथियम का भंडार मिला है जिसे एक कंपनी को ठेके में खनन के लिए नहीं दिया जा सकता। हो सकता है कि जब लिथियम के खनन का काम शुरू हो तो सरकार इन्ही कंपनियों में से किसी को यह काम सौंपे