डीजल-पेट्रोल के दाम घटाने के मूड में नहीं है सरकार, प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर तीन रुपये प्रति लीटर की दर से उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) बढ़ा दिया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से लाभ

Update: 2021-02-16 06:14 GMT

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के जो दाम घटे हैं और इसका जो लाभ आप को मिलना चाहिए था वो नहीं मिलेगा

नई दिल्ली: सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर तीन रुपये प्रति लीटर की दर से उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) बढ़ा दिया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से लाभ लेने के प्रयासों के तहत सरकार ने शनिवार को यह कदम उठाया है. एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि पेट्रोल पर विशेष उत्पाद शुल्क प्रति लीटर दो रुपये बढ़ाकर आठ रुपये कर दिया है तो वहीं डीजल पर यह शुल्क दो रुपये बढ़कर अब चार रुपये प्रति लीटर हो गया है. Government is not in the mood to reduce diesel-petrol prices, increase excise duty per liter

इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला सड़क उपकर भी एक-एक रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है. उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी का नतीजा सामान्य तौर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के रूप में सामने आता है. लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय दरों में गिरावट के हिसाब से समायोजित हो जाएगी और कीमतों में इजाफा नहीं होगा.

नहीं घटेंगे डीजल-पेट्रोल के दाम पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी गई है लेकिन दाम नहीं बढ़े हैं. दरअसल, खेल ये है कि कोरोना की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के जो दाम घटे हैं और इसका जो लाभ आप को मिलना चाहिए था वो नहीं मिलेगा. सरकार वो मुनाफा एक्साइज ड्यूटी लगाकर अपने खाते में डाल रही है.

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