Gold Hallmarking Rules 2026: पुराने गहने अब रद्दी नहीं जानें बिना हॉलमार्क वाले पुराने गहनों पर सरकार का बड़ा फैसला, जानें कैसे ₹45 में कराएं Hallmarking

बिना हॉलमार्क वाले पुराने गहनों पर सरकार का बड़ा फैसला! जानें कैसे ₹45 में कराएं Hallmarking और चांदी के नए नियमों से ग्राहकों को क्या होगा फायदा। पूरी खबर यहाँ।

Update: 2026-02-08 14:17 GMT

Gold Hallmarking Rules पुराने गहने अब रद्दी नहीं! जानें New HUID नियम

विषय सूची (Table of Contents)

  • गोल्ड हॉलमार्किंग 2026: क्या आपके पुराने गहने बेकार हो जाएंगे?
  • HUID कोड का जादू: अब मिलावटी सोने का खेल खत्म
  • पुराने गहनों पर सरकारी गाइडलाइन: सिर्फ ₹45 में कराएं हॉलमार्क
  • चांदी की हॉलमार्किंग (Silver Hallmarking): 1 सितंबर से लागू हुए नए ग्रेड
  • BIS Care App: घर बैठे ऐसे जांचें अपने सोने की असली शुद्धता
  • किसे मिली है छूट? छोटे गहनों और निर्यात पर हॉलमार्किंग के नियम
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

गोल्ड हॉलमार्किंग 2026: क्या आपके पुराने गहने बेकार हो जाएंगे?

देशभर में सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य होने के बाद करोड़ों भारतीय परिवारों के मन में एक ही सवाल है—क्या अलमारी में रखे दादी-नानी के पुराने गहने अब रद्दी बन जाएंगे? केंद्र सरकार और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इस पर स्पष्ट स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार का कहना है कि हॉलमार्किंग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्धता की गारंटी देना है, न कि उनकी पुरानी बचत को नुकसान पहुंचाना। 2026 में हॉलमार्किंग का दायरा बढ़ाकर 361 जिलों तक कर दिया गया है। अब बिना हॉलमार्क के सोना बेचना ज्वेलर्स के लिए गैर-कानूनी है, लेकिन आम जनता के पास रखे पुराने गहने तब तक वैध हैं जब तक आप उन्हें बेचना या बदलना न चाहें।

HUID कोड का जादू: अब मिलावटी सोने का खेल खत्म

अब सोने के हर गहने पर एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है जिसे HUID (Hallmark Unique Identification) कोड कहा जाता है। यह 6 अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है। HUID कोड के साथ अब तक 40 करोड़ से अधिक आभूषण प्रमाणित किए जा चुके हैं। यह कोड न केवल शुद्धता बताता है, बल्कि यह भी रिकॉर्ड रखता है कि गहना किस ज्वेलर ने बनाया और किस सेंटर पर उसकी जांच हुई। इससे बाजार में होने वाली धोखाधड़ी और मिलावट पर पूरी तरह लगाम लग गई है। अब ग्राहक को वही सोना मिलता है जिसके लिए उसने पैसे दिए हैं।

पुराने गहनों पर सरकारी गाइडलाइन: सिर्फ ₹45 में कराएं हॉलमार्क

यदि आपके पास पुराने गहने हैं जिन पर हॉलमार्क नहीं है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इन्हें वैध बनाने के लिए एक बहुत ही सरल प्रक्रिया दी है। आप किसी भी बीआईएस रजिस्टर्ड ज्वेलर के पास जाकर अपने पुराने गहनों पर हॉलमार्क लगवा सकते हैं। इसके लिए सरकार ने प्रति आइटम मात्र 45 रुपये का शुल्क तय किया है। हॉलमार्किंग होने के बाद आपका पुराना सोना 'हॉलमार्क गोल्ड' बन जाएगा, जिससे उसे बेचते समय आपको बाजार की पूरी कीमत मिलेगी। ज्वेलर्स अब पुराने गहने खरीदने से मना नहीं कर सकते, बशर्ते वे उनकी शुद्धता की जांच कर लें।

चांदी की हॉलमार्किंग (Silver Hallmarking): 1 सितंबर से लागू हुए नए ग्रेड

सोने की सफलता के बाद, सरकार ने चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी है। 1 सितंबर 2025 से लागू इस नियम के तहत चांदी के छह मुख्य ग्रेड—800, 835, 900, 925 (स्टर्लिंग सिल्वर), 970 और 990 तय किए गए हैं। चांदी की खरीदारी में अक्सर ग्राहकों को शुद्धता का पता नहीं चलता था, लेकिन अब हॉलमार्क के निशान से यह पहचानना आसान हो गया है। बिना हॉलमार्क वाली चांदी बेचने वाले ज्वेलर्स पर भारी जुर्माना और जेल तक का प्रावधान किया गया है, जिससे अब चांदी का व्यापार भी पारदर्शी हो गया है।

BIS Care App: घर बैठे ऐसे जांचें अपने सोने की असली शुद्धता

सरकार ने उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए 'BIS Care App' लॉन्च किया है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है। इसके जरिए आप किसी भी गहने पर लिखे HUID कोड को स्कैन या दर्ज करके उसकी पूरी कुंडली निकाल सकते हैं। इसमें आपको पता चल जाएगा कि सोना 22 कैरेट का है या 18 कैरेट का, उसे किस तारीख को हॉलमार्क किया गया और ज्वेलर का नाम क्या है। यदि ऐप में दी गई जानकारी आपके बिल से मेल नहीं खाती, तो आप ऐप के माध्यम से ही तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

किसे मिली है छूट? छोटे गहनों और निर्यात पर हॉलमार्किंग के नियम

हॉलमार्किंग नियम हर जगह लागू नहीं होते। सरकार ने कुछ विशिष्ट श्रेणियों को इससे छूट दी है। उदाहरण के लिए, 2 ग्राम से कम वजन वाले छोटे आभूषणों पर हॉलमार्क अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, भारत से बाहर निर्यात (Export) किए जाने वाले गहनों, घड़ियों, फाउंटेन पेन और विशेष प्रकार के कुंदन या पोलकी गहनों को भी फिलहाल इस दायरे से बाहर रखा गया है। हालांकि, उपभोक्ता सुरक्षा के लिए 9 कैरेट सोने को भी अब हॉलमार्किंग के दायरे में लाया गया है ताकि कम बजट वाले ग्राहकों को भी प्रमाणित आभूषण मिल सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. purane gahno par hallmark kaise lagwaye hindi me?

अपने पुराने गहने लेकर किसी भी BIS रजिस्टर्ड ज्वेलर के पास जाएं। वे ₹45 प्रति नग की फीस लेकर आपके गहनों को हॉलमार्किंग सेंटर भेजेंगे, जहाँ शुद्धता जांच के बाद उन पर HUID कोड अंकित कर दिया जाएगा।

2. gold hallmarking ke naye niyam 2026 latest update?

2026 का नया अपडेट यह है कि अब 361 जिलों में हॉलमार्किंग पूर्णतः अनिवार्य है और 9 कैरेट सोने के गहनों पर भी हॉलमार्क का निशान होना जरूरी है।

3. bina hallmark wala sona kaise beche ki khabar?

बिना हॉलमार्क वाला सोना बेचने के लिए आप उसे ज्वेलर को दे सकते हैं। ज्वेलर उसकी शुद्धता की जांच (Touch Test/Fire Assay) करेगा और उस समय के सोने के भाव के अनुसार आपको भुगतान करेगा। हालांकि, हॉलमार्क होने पर वैल्यू बेहतर मिलती है।

4. huid code verify kaise kare bis care app se news in hindi?

BIS Care App खोलें, 'Verify HUID' विकल्प पर जाएं और गहने पर लिखा 6 अंकों का कोड दर्ज करें। सर्च बटन दबाते ही गहने की शुद्धता और ज्वेलर का विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा।

5. chandi ki hallmarking kab se anivarya hai latest news?

चांदी की हॉलमार्किंग 1 सितंबर 2025 से अनिवार्य कर दी गई है। अब चांदी के छह विशिष्ट ग्रेड्स के आधार पर ही व्यापार किया जा सकता है।

6. 9 carat gold par hallmarking ke fayde hindi me?

9 कैरेट सोना उन लोगों के लिए अच्छा है जो कम बजट में सोने के गहने चाहते हैं। हॉलमार्किंग से यह सुनिश्चित होता है कि 9 कैरेट में भी सोने की उतनी मात्रा मौजूद है जितनी बताई गई है।

7. up me gold hallmarking center kaha hai aaj ki khabar?

उत्तर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा में बीआईएस द्वारा मान्यता प्राप्त हॉलमार्किंग केंद्र (AHC) संचालित हैं।

8. purane gold ko naye hallmark jewelry se exchange kaise kare?

पुराना सोना देकर नया हॉलमार्क गोल्ड लेते समय ज्वेलर पुराने सोने की शुद्धता चेक करेगा। हॉलमार्क वाले नए गहने पर आपको नया HUID वाला बिल लेना अनिवार्य है।

9. hallmark jewelry kharidte samay kya dhyan rakhe latest update?

खरीदते समय तीन निशान देखें: BIS लोगो, शुद्धता (जैसे 22K916) और 6 अंकों का HUID कोड। हमेशा पक्का बिल मांगें जिसमें HUID दर्ज हो।

10. bis care app se sone ki shuddhata kaise check kare hindi me?

ऐप में 'Verify HUID' फीचर का उपयोग करें। यदि कोड सही है तो ऐप शुद्धता दिखाएगा, यदि कोड नकली है तो ऐप उसे अमान्य (Invalid) बता देगा।

11. chandi ke gahno par hallmarking grade kya hai news in hindi?

चांदी के लिए छह ग्रेड हैं: 800, 835, 900, 925, 970 और 990। इनमें 925 ग्रेड सबसे लोकप्रिय है जिसे स्टर्लिंग सिल्वर कहते हैं।

12. 45 rupaye me gold hallmarking kaise hogi latest update today?

यह सरकारी शुल्क है। उपभोक्ता सीधे हॉलमार्किंग सेंटर नहीं जा सकते, उन्हें ज्वेलर के माध्यम से ही अपने पुराने गहने हॉलमार्क कराने होंगे।

13. huid code me kya kya jankari hoti hai hindi me?

HUID कोड में आभूषण की शुद्धता (कैरेट), हॉलमार्किंग की तारीख, ज्वेलर का रजिस्ट्रेशन नंबर और हॉलमार्किंग सेंटर का पहचान कोड शामिल होता है।

14. bina hallmark chandi bechne par kitna jurmana hai news?

ज्वेलर्स के लिए बिना हॉलमार्क चांदी बेचना भारी जुर्माने का कारण बन सकता है, जो गहने की कीमत का पांच गुना तक हो सकता है या एक साल की जेल।

15. gold hallmarking compulsory districts list 2026 latest update?

वर्तमान में भारत के 361 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य है। जल्द ही इसे पूरे देश के सभी जिलों में लागू करने की योजना है।

16. purane gahno ka mulyankan kaise kare latest news in hindi?

पुराने गहनों का मूल्यांकन 'कैरेट मीटर' या 'एक्सआरएफ' मशीन से किया जाता है। उपभोक्ता को सलाह दी जाती है कि वे किसी विश्वसनीय और रजिस्टर्ड ज्वेलर से ही मूल्यांकन कराएं।

17. gold hallmarking rules for small jewelers news in english?

Even small town jewelers now must register with BIS to sell hallmarked gold. However, their existing stock can be hallmarked in batches for a smooth transition.

18. 1 september 2025 se chandi par kya badla hai live update?

इस तिथि के बाद से चांदी के व्यापार में पारदर्शिता आई है और ग्राहकों को अब मिलावटी चांदी से छुटकारा मिल गया है।

19. hallmark aur huid me kya antar hai hindi me?

हॉलमार्क पूरी प्रक्रिया का नाम है, जबकि HUID वह 6 अंकों का यूनिक नंबर है जो अब हॉलमार्क के साथ अनिवार्य कर दिया गया है।

20. 2 gram se kam ke gahno par hallmarking ki chhoot news?

बहुत छोटे गहने जैसे नाक की लौंग या छोटी बालियां, जिनका वजन 2 ग्राम से कम है, उन पर हॉलमार्क का निशान लगाना तकनीकी रूप से कठिन होने के कारण छूट दी गई है।
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