राजेंद्र शुक्ला के बाद रीवा ननि कमिश्नर सभाजीत ने साधा Ex-CM शिवराज पर निशाना, लगाएं गंभीर आरोप

Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat

Update: 2021-02-16 06:10 GMT

रीवाः रीवा नगर निगम के कमिश्नर सभाजीत यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर बड़ा कटाक्ष किया है. दरअसल, शिवराज सिंह चौहान किसान आंदोलन के दौरान रीवा गए थे और वहां पर उन्होंने नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव को समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा था. साथ ही साथ उन्होंने नगर निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान भी उस ज्ञापन में उठाए थे. दरअसल, इसके पहले सभाजीत यादव राजेंद्र शुक्ला को एक नोटिस जारी करके उन पर आर्थिक दंड आरोपित कर चुके थे और उन पर चुनाव में आश्वासन देकर लोगों को बरगलाने का आरोप लगाया था.

शिवराज के ज्ञापन के जवाब में कमिश्नर नगर निगम रीवा ने शिवराज को पत्र लिखा है और उस पत्र में बिंदुवार उनके ज्ञापन में पूछे गए सवालों का जवाब दिया है. सभी जवाबों में नगर निगम आयुक्त ने एक बार फिर भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल और बीजेपी कार्यकर्ताओं को ही गड़बड़ी का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा आपत्तिजनक बात जो लिखी गई है, वह पत्र के अंत में हैं. सभाजीत यादव ने लिखा है कि आपने (शिवराज ने) मेरी पत्नी पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए हैं वह पूरी तरह निराधार हैं.

हालांकि मेरे पास जरूर कुछ लोग एक अभिभाषक के साथ प्रतिनिधिमंडल के रूप में आए थे और आपकी (शिवराज की) पत्नी रीवा मे जहां किराए के मकान में रहती हैं, उसे साफ कराने के लिए कह रहे थे, ताकि वहां डंपर खड़े हो सकें. एक IAS अधिकारी द्वारा 13 साल मुख्यमंत्री रहे व्यक्ति पर इस तरह राजनीतिक कटाक्ष करना कई सवालों को जन्म देता है. पत्र में जानबूझकर डंपर का उल्लेख करना आखिरकार किस उद्देश्य से किया गया है, यह तो कमिश्नर ही जानें, लेकिन इसने एक बार फिर प्रदेश के बहुचर्चित डंपर कांड को पुनर्जीवित कर दिया है.

पूरे मामले में सभाजीत यादव के बारे में पूर्व मंत्री और रीवा से विधायक राजेन्द्र शुक्ल ने कहा मैंने पहले भी कहा था यह मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति है और किस प्रकार का बयान देना चाहिए कोई ज्ञान नहीं है. आसमान की ओर मुंह करके थूकने पर किसका मुंह गंदा होता है खुद ही का. यह अधिकारी नियम कायदों को ताक पर रखकर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करते हैं. राजेन्द्र शुक्ल ने कहा मैं कह रहा हूं कि मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति के बारे में समय खराब करने से मुझे नहीं लगता कोई फायदा है.

राजेन्द्र शुक्ल ने सभाजीत यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि, मुझे लगता है कि, राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते कांग्रेस के नेताओं को खुश करने के लिए वह इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं. राजेन्द्र शुक्ल ने कहा राजनीति का कीड़ा अगर एक बार शरीर में प्रवेश कर जाता है तो वह फिर समय-समय पर रेंगने लगता है और वह व्यक्ति को स्थिर रखता नहीं है. हो सकता है भविष्य में कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ने की मंशा हो.

राजेन्द्र शुक्ल ने सभाजीत यादव द्वारा पत्र में डंपर का जिक्र करने पर कहा यह ना राजनीतिक है ना बौद्धिक है ना प्रशासनिक है यह विक्षिप्त मानसिकता का परिचायक है. सरकार क्योंकि कांग्रेस की है वह सभाजीत पर क्या कार्रवाई करते हैं इसके बारे में तो मैं नहीं कह सकता, लेकिन ऐसा व्यक्ति को कभी फील्ड में नहीं भेजना चाहिए. बंदर के हाथ में उस्तरा पकड़ाने जैसा होता है. लोगों को प्रताड़ित करेंगे, ब्लैकमेल करेंगे, परेशान करेंगे अपने स्वार्थों की सिद्धि पूरी करने के लिए पूरी ऊर्जा लगाएंगे. क्षेत्र के विकास से और जनता के कल्याण से इस प्रकार के अधिकारियों का फील्ड में पोस्टिंग के बाद कोई लेना देना होता नहीं है. यह इनकी तमाम कार्यप्रणाली से रीवा की जनता को अच्छी तरह समझ में आ रहा है.

बता दें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आरोपों पर शायद पहली बार किसी अधिकारी ने खुलकर पटलवार किया है। नगर निगम रीवा के कमिश्नर ने आरोपों पर जवाब देते हुए शिवराज और उनके नेताओं पर ही कई गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं। बीते चार नवंबर को शिवराज भाजपा के किसान आक्रोश रैली को संबोधित करने रीवा आए थे। अपने भाषण और संभागायुक्त को दिए गए ज्ञापन में नगर निगम कमिश्नर पर कई आरोप लगाए थे। जिसमें उन दोनों बिन्दुओं पर विस्तार से जवाब भेजते हुए निगम कमिश्नर सभाजीत यादव ने कहा है कि जिन योजनाओं का उल्लेख किया गया है, वह भाजपा के कार्यकाल में ही प्रारंभ की गई थी। भाजपा नेताओं की वजह से ही नगर निगम को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके पहले पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को वसूली का नोटिस देकर निगम कमिश्नर चर्चा में आए थे।

इस तरह दिया आरोपों का जवाब आइएचएसडीपी- इस योजना के तहत 248 मकान शहर के रतहरा में बनाए गए। इसमें प्रति मकान की कीमत तीन लाख रुपए आई थी। जिसमें 80 हजार रुपए केन्द्रांश, दस हजार राज्यांश, 60 हजार निकाय अंशदान एवं 1.50 लाख हितग्राही अंशदान था। तत्कालीन मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने नि:शुल्क मकान देने का वादा किया और बिना हितग्राही अंशदान जमा कराए कब्जा भी दिलवा दिया। जिस पर 4.94 करोड़ रुपए निगम का आर्थिक क्षति हुई।

प्रधानमंत्री आवास योजना- दूसरी आवासीय प्रधानमंत्री योजना का भी पत्र में उल्लेख किया है। इडब्ल्यूएस हितग्राहियों को दो लाख रुपए में मकान का आश्वासन दिया गया था। इसमें मकान की लागत 7.10 लाख रुपए थी। जिस पर केन्द्र और राज्यांश डेढ़-डेढ़ लाख रुपए, निगम को 2.10 लाख एवं दो लाख रुपए हितग्राही अंशदान देना है। यह स्लम एरिया में बसे लोगों के लिए योजना थी लेकिन तत्कालीन मंत्री राजेन्द्र शुक्ला एवं निगम अधिकारियों ने सच नहीं बताया और सभी तरह के हितग्राहियों से 20 हजार रुपए लेकर पंजीयन करा लिया। सरकार बदलने के बाद यह बात सामने आई तो जनता में भ्रम फैलाया गया कि राज्य की नई सरकार ने मकानों की कीमत बढ़ा दी है। इससे निगम को 53.35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

बीएलसी घटक की राशि पहले ही की गई थी भुगतान पूर्व सीएम ने आरोप लगाया था कि बीएलसी घटक के हितग्राहियों की राशि ठेकेदारों को भुगतान कर दी गई। इस पर पलटवार करते हुए निगम कमिश्नर ने कहा है कि उनके पदस्थ होने से पहले ६.५८ करोड़ रुपए पूर्व के कमिश्नर ने भुगतान किया था। अपने कार्यकाल के आंकड़े पेश करते हुए कहा है कि हमने गरीबों के अधूरे मकानों का निर्माण पूरा कराया है।

पत्नी पर आरोपों के जवाब में डंपर की दिलाई याद निगम कमिश्नर की पत्नी पर पूर्व सीएम शिवराज ने आरोप लगाया था कि वह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं, इसलिए कमिश्नर कांग्रेसी मानसिकता से काम कर रहे हैं। पर कमिश्नर ने कहा है कि जहां तक मुझे ज्ञात है तो मेरी पत्नी ने कभी कांग्रेस से चुनाव नहीं लड़ा है। पत्र में यह जरूर कहा है कि कुछ लोगों ने मांग उठाई है कि आपकी पत्नी जहां पर किराए के मकान में रह रही हैं, वहां पर साफ-सफाई कराई जाए ताकि डंपर खड़ा करने के लिए जगह हो सके।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने संभागायुक्त को ज्ञापन देकर नगर निगम के कार्यों में मनमानी का आरोप लगाया था। उस पर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है कि उनकी सरकार में शुरू की गई योजनाओं में उनके मंत्री के कहने पर किस तरह से निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। सभाजीत यादव, कमिश्नर नगर निगम रीवा

Similar News