दो नगर निगमों और 150 वार्डो में बंटेगा भोपाल, सूची तैयार, पढ़िए : BHOPAL NEWS
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राज्य सरकार भोपाल शहर को दो नगर निगमों में बांटने के साथ यहां के वार्डों का आकार छोटा करने की तैयारी में है। इसके लिए 6 मार्च के हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। फैसला सरकार के पक्ष में आया तो भोपाल में वार्डों की संख्या बढ़ाकर 150 कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि छोटे वार्ड बनाने से विकास कार्यों को बढ़ावा मिलता है, इसलिए आकार घटाया जाना चाहिए। इसके लिए राजस्थान सरकार के फॉर्मूले पर भी अमल किया जा सकता है। भोपाल शहर को दो नगर निगम में बांटने की राज्य सरकार की कोशिश अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इससे संबंधित एक फाइल राज्यपाल लालजी टंडन के पास पेंडिंग है तो दूसरा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने अदालत में भोपाल शहर के बंटवारे को लेकर जो दलीलें पेश की हैं, उसके आधार पर अफसर मानकर चल रहे हैं कि कोर्ट सरकार के पक्ष में दो नगर निगम बनाने के पक्ष में फैसला दे सकता है। इसीलिए नगरीय विकास विभाग के अफसरों ने अलग से प्लानिंग शुरू कर दी है ताकि पक्ष में निर्णय हो तो जल्द चुनावी प्रक्रिया शुरू करा सकें।
एक में होंगे 85 दूसरे में 65 वार्ड शासन ने भोपाल नगर निगम के बंटवारे के लिए जो प्लानिंग तय की है, उसके मुताबिक भोपाल को 150 वार्ड में बांटा जाएगा। इसके लिए एक हिस्से में 85 वार्ड ही रखे जाएंगे जबकि दूसरे हिस्से में 65 वार्ड होंगे।
बढ़ेंगे टिकट के दावेदार भोपाल में वार्डों की संख्या में वृद्धि का फॉर्मूला प्रभावी हुआ तो यहां टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ जाएगी। कांग्रेस की कोशिश भी यही है कि ऐसा करके कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करने का काम किया जा सकता है।
वार्ड संख्या तय करने के पीछे यह है तर्क सूत्रों की मानें तो वार्डों की संख्या 150 किए जाने के लिए 2011 की जनसंख्या को आधार बनाया जाएगा। अभी जो स्थिति है उसके मुताबिक कई वार्डों की आबादी बीस से पच्चीस हजार तक है। नगरीय विकास मंत्री जयवर्द्धन सिंह भी कह चुके हैं कि छोेटे वार्ड विकास में सहायक होते हैं। इसलिए इस ओर सरकार कोशिश कर रही है। ऐसे में अगर कोर्ट का फैसला सरकार के पक्ष में नहीं होता तो भी राजस्थान के जयपुर समेत अन्य शहरों का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है जहां वार्ड संख्या 150 है। इसके लिए निगम अधिनियम में संशोधन किया जा सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया के बाद करीब दो हजार सुझाव सरकार के पास पहुंचे थे।
डिनोटिफाई हुए 22 निकाय पंचायतों में होंगे शामिल, नए सिरे से परिसीमन भोपाल, ब्यूरो। प्रदेश के जिन 22 नगरीय निकायों में शामिल गांव और ग्राम पंचायतों को नगरीय निकायों से पृथक करने की घोषणा कर चुकी है पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उनका नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिन 22 निकायों में शामिल गांवों को नगरीय विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों से पृथक करने की अधिसूचना प्रकाशित की गई है उन सभी क्षेत्रों को एक बार फिर पंचायतों में शामिल किया जाएगा। इन क्षेत्रों के वार्डों, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों के क्षेत्रों के पुन: परिसीमन की कार्यवाही आवश्यक होगी। इसके लिए पहले से ही सारी तैयारियां की जाए और परिसीमन की कार्यवाही शुरु की जाए। इन ग्रामीण क्षेत्रों का परिसीमन होंने के बाद यहां की मतदाता सूची में यहां के रहवासियों को शामिल किया जाएगा और पंचायत चुनाव के हिसाब से यहां की मतदाता सूची भी तैयार की जाएगी।