मध्यप्रदेश में मौसम का कहर, आधी के साथ बारिश, हुई ओलावृष्टि

भोपाल। प्रदेश के मौसम विभाग ने पहले ही आधी पानी तथा ओलावृष्टि की संभावना जताई थी। सोमवार को राजस्थान से लगे मध्य प्रदेश के सीमाई इलाकों में तेज बारिश हुई है। मुरैना में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलो केा भारी नुक्सान हुआ है। वहीं मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 10 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के बादल पूरे प्रदेश में दिखाई देने लगेंगे।

Update: 2021-03-09 14:17 GMT

भोपाल। प्रदेश के मौसम विभाग ने पहले ही आधी पानी तथा ओलावृष्टि की संभावना जताई थी। सोमवार को राजस्थान से लगे मध्य प्रदेश के सीमाई इलाकों में तेज बारिश हुई है। मुरैना में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलो केा भारी नुक्सान हुआ है। वहीं मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 10 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के बादल पूरे प्रदेश में दिखाई देने लगेंगे।

बताया जाता है कि सेामवार को मुरैना के कई गांव में तेज आंधी और बारिश हुई है। जिससे सरसों एवं गेहूं की फसल चैपट हो गई। गेहूं की फसल खेतों में चादर कर तरह बिछ गई।  

जनकारी के अनुसार सोमवार को शाम मौसम बिगडने लगा। पहले तो पानी की हल्की बूंदा बादी शुरू हई बाद में चने के आकार के ओले गिरे। बताया गया है कि कई गांव में 3 मिनट तो किसी में 7 से 10 मिनट तक ओले गिरे है। 

वही कई जगह तो अंगूर के बराबर भी ओले पडे हैं। जिसमें सरसों की पूरी पकी फसल नष्ट हो गई है। सबसे ज्यादा ओलावृष्टि पिपरसा, सिकरौदा, फिरोजपुर, बिंडवा और आसपास के गांवों में हुई है।
 

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