bhopal News : कोरोना का असर, पांच दिन में आक्सीजन की मांग 117 टन बढ़ी

भोपाल (  bhopal News in Hindi) :   कोरोना दिनो दिन नये रिकार्ड बनाने में लगा है। विगत पांच दिनों में प्रदेश में 117 टन आक्सीजन की मांग बढ़ गई। कोरोना के हालात और आक्सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य शासन ने कलेक्टरों से इस पर निगाह रखने को कहा है। वहीं महाराष्ट्र ने एक बार फिर आक्सीजन की सप्लाई बंद करने के लिए विगत दिनों पत्र लिखा और आपूर्ति बंद कर दी। लेकिन प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से 250 टन प्रतिदिन आक्सीजन की व्यवस्था कर ली है।

Update: 2021-04-10 14:21 GMT

भोपाल (  bhopal News in Hindi) :   कोरोना दिनो दिन नये रिकार्ड बनाने में लगा है। विगत पांच दिनों में प्रदेश में 117 टन आक्सीजन की मांग बढ़ गई। कोरोना के हालात और आक्सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य शासन ने कलेक्टरों से इस पर निगाह रखने को कहा है। वहीं महाराष्ट्र ने एक बार फिर आक्सीजन की सप्लाई बंद करने के लिए विगत दिनों पत्र लिखा और आपूर्ति बंद कर दी। लेकिन प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से 250 टन प्रतिदिन आक्सीजन की व्यवस्था कर ली है।

बढ़ रही आक्सीजन की मांग

जानकारी के अनुसार प्रदेश में 4 अप्रैल तक 60 टन आक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। 6 अप्रैल को यह आपूर्ति बढ़कर 132 टन हो गई। वहीं पुनः अगले दो दिन में मांग 177 टन हो गई। ऐसे में 5 दिन में 117 टन आक्सीजन की मांग बढ़ गई है। यह बढ़ा हुआ आंकडा जहां सरकार को चिंता में डाल रहा है तो वहीं कोरोना का संकट बढ़ने की ओर इसारा कर रहा है।

सर्वाधिक आक्सीजन की आवश्यकता इंदौर को

कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा हालत इंदौर में खराब चल रहे हंै। यहां रोगियों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में अक्सीजन की भी आवश्यकता ज्यादा पड़ रही है। वर्तमान में इंदौर को 60 टन आक्सीजन की आवश्यकता प्रतिदिन हो रही है। वहीं भोपाल को 40 और जबलपुर एवं ग्वालियर में 32 एवं 26 टन आक्सीजन रोज लग रही है। वहीं 19 टन आक्सीजन प्रदेश के अन्य जिलों में भेजी जा रही है।

महाराष्ट्र से आपूर्ति बंद, भिलाई से शुरू

महाराष्ट्र में कोरोना के केस बढ़ने से हफ्तेभर पहले महाराष्ट्र ने अचानक आक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दी। ऐसे में सरकार परेशान हो गई। भिलाई स्टील प्लांट ने 60 टन आक्सीजन देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को 40 टन की पहली खेप इंदौर पहुंच गई है।

यहां से मिल रही प्रदेश को आक्सीजन

जनकारी के अनुसार प्रदेश में आक्सीजन की भारी किल्लत है। ऐसे मे 180 टन गुजरात और उत्तर प्रदेश से आ रही है। वही 60 टन आक्सीजन प्रतिदिन भिलाई स्थित स्टील प्लांट से आ रही है। आनेवाले समय में अगर कोरोना के संक्रमण कम नही हुआ तो आक्सीजन की आवश्यकता और भी बढ जायेगी।

कमलनाथ ने साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश में आक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर दुख प्रकट किया है। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर नही बन पाया है।
 

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