तीसरी बार 2500 जूनियर डॉक्टर लामबंद, सोमवार से कामबंद हड़ताल

भोपाल। प्रदेश में एक बार फिर जूनियर डॉक्टर काम बंद हड़ताल करने के मूड में हैं। कोरोना काल में पूरी इमानदारी से कोरोना रोगियों की दिन रात सेवा करने के बाद भी सरकार उनकी मांगों की ओर ध्यान नही दे रही है। ऐसे में प्रदेश भर के लगभग 2500 जूनियर डॉक्टर कोरोना की रफतार कुछ कम होते ही एक बार फिर हडताल पर जाने की तैयारी में है। जानकारी मिल रही है कि सोमवार से जूनियर डॉक्टर कामबंद हडताल पर चले जायेंगे। ऐसे में रोगियो के उपचार पर पड़ने वाले विपरीत असरी की जवाबदारी प्रदेश सरकार की होगी। 

Update: 2021-05-30 18:09 GMT

भोपाल। प्रदेश में एक बार फिर जूनियर डॉक्टर काम बंद हड़ताल करने के मूड में हैं। कोरोना काल में पूरी इमानदारी से कोरोना रोगियों की दिन रात सेवा करने के बाद भी सरकार उनकी मांगों की ओर ध्यान नही दे रही है। ऐसे में प्रदेश भर के लगभग 2500 जूनियर डॉक्टर कोरोना की रफतार कुछ कम होते ही एक बार फिर हडताल पर जाने की तैयारी में है। जानकारी मिल रही है कि सोमवार से जूनियर डॉक्टर कामबंद हडताल पर चले जायेंगे। ऐसे में रोगियो के उपचार पर पड़ने वाले विपरीत असरी की जवाबदारी प्रदेश सरकार की होगी। 

पहले भी जा चुके हैं हड़ताल पर 

जानकारी के अनुसार जूनियर डॉक्टर अपनी कई मांगो को लेकर मार्च और अप्रैल में हड़ताल पर जा चुके हैं। शासन-प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा। हर बार हड़ताल करने पर सरकार की ओर से आश्वासन दिया जाता है कि जल्दी ही मांगे पूरी कर दी जायेंगी। लेकिन सरकार एक भी माग पूरी नही की। ऐसे में हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नही बचता। 

सरकार ने नही पूरा किया वादा

विगत माह हड़ताल के समय 6 मई 2021 को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन द्वारा छह सूत्रीय मांगें रखी गई थीं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री, एसीएस हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने मांगे पूरा करने का वादा किया था। लेकिन अभी तक लिखित आदेश नहीं आया है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उन्हे मजबूरी में हड़ताल के लिए आगे आना पड़ रहा है।

इन मांगों पर नही हो रहा विचार 

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उन्होने सरकार से सैलरी बढ़ाने की मांग की थी जिस पर 10 हजार रूपये बढ़ाने के लिए कहा गया था लेकिन आज हालत यह है कि विगत तीन माह से बेसिक सैलरी भी नहीं मिल पा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपंड में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके 55,000 से बढ़ाकर 68,200 व 57,000 से बढ़ाकर 70,680 व 69,000 से बढ़ाकर 73,160 कर दी जाए।

कोरोना काल के दौरान डॉक्टरों तथा उनके परिवार के लोगों के इलाज के लिए अस्पताल में अलग से बेड का इंतजाम किया जाए। 
बेसिक स्टाइपेंड में हर वर्ष 6 प्रतिशत की बोढोतरी की जाय।

कोविड ड्यूटी के बदले पीजी के बाद 1 वर्ष की ग्रामीण बांड से मुक्त किय जाये। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाय जिसमें जेडीए के प्रतिनिधि हो। 

कोविड ड्यूटी में कार्यरत हर जूनियर डॉक्टर को 10 नंबर का एक गजटेड सर्टिफिकेट दिया जाय। जोे सरकारी नौकरी में फायदा प्रदान करेगा।

Similar News