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Surya Mandir Found In Egypt: मिस्र में 4500 साल पुराना सूर्य मंदिर खोजा गया है, लोग उस मंदिर को सनातन सभ्यता से जोड़ रहे हैं

Surya Mandir Found In Egypt: मिस्र में 4500 साल पुराना सूर्य मंदिर खोजा गया है, लोग उस मंदिर को सनातन सभ्यता से जोड़ रहे हैं
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Surya Mandir Found In Egypt: ऐसा दावा किया जा रहा है है कि यह बीते दशक की सबसे बड़ी खोज है

Surya Mandir Found In Egypt: रहस्यों से भरे पड़े देश मिस्र के रेगिस्तान में 4500 साल पुराना सूर्य देव का एक मंदिर खोजा गया है, हज़ारों वर्ष पुराने होने के बाद भी मंदिर का ढांचा लगभग सुरक्षित है। ऐसा बताया गया है कि बीते एक दशक की यह सबसे बड़ी खोज है। मिस्र देश हमेशा से अपनी सभ्यता, इतिहास और पिरामिड सहित यहाँ मिलने वाली प्राचीन ममी के कारण शुमार है लेकिन इस देश में देवता सूर्य का मंदिर मिलना बहुत अनोखी बात है। इतने पुराने सूर्य मंदिर की खोज होने के बाद लोग इसे भारतीय सनातन सभ्यता से जोड़ कर देखने लगे हैं।

कुछ पुरातत्वविद मिस्र यानी के (Egypt) की राजधानी काहिरा से दक्षिण की तरफ मौजूद शहर अबू गौराब (Abu Gorab) के रेगिस्तान में खनन का काम कर रहे थे, इस दौरन उनके एकमंदिर मिला जिसे देश सब दंग रह गए। वह प्राचीन मंदिर सूर्य देवता का है जो बीते 4500 साल से भी अधिक समय से रेगिस्तान के नीचे दबा हुआ था। मिस्र के आर्कियोलॉजिस्ट का मानना है कि यह बीते दशक की सबसे बड़ी खोज है। इस मंदिर को मिस्र के (Pharoaoh) फैरोह ने बनवाया था।

इससे पहले भी मिल चूका है एक और मंदिर


ये पहला वाकिया नहीं है जब मिस्र में सूर्यमंदिर की खोज हुई हो, इससे पहले भी देश में सूर्यमंदिर की खोज हो चुकी है। हालाँकि वॉरसा स्थित एकेडमी ऑफ़ साइसेज़ में एजिप्टोलॉजी के सहायक प्राध्यापक डॉ.मसिमिलानों नुजोलो ने बताया कि हमने ऐसे प्राचीन वस्तुओं की खोज के लिए बड़ा समय दिया है। जब ऐसी खोजें होती है तो पूरी सभ्यता, संस्कृति और उस वक़्त की निर्माणकला विज्ञान को दर्शाती है। बहुत कुछ जानने और सीखने को मिलता है।

फैरोह चाहता था लोग उसे भगवान मानें


पुरातत्वविदों के अनुसार यह 4500 साल पुराने सूर्यमंदिर का निर्माण मिस्र में हुकूमत करने वाले फैरोह न्यूसिरि इनि ने बनवाया था। जिसने मिस्र में ईसापूर्व 25 वीं सदी में 30 साल तक शासन किया था, तब वो जीवित था और ऐसा करने से उसका मकसद था की वहां के लोग उसे भगवान मानें। वहीं मिस्र में फैरोह ने कई पिरामिड भी बनवाए जिसमे फैरोह के मरने के बाद उसे ममी का रूप दिया जाता था। ताकि मरने के बाद भी उनका शरीर सुरक्षित रहे और उनके भगवान का दर्जा मिले। मंदिर का निर्माण मिट्टी से बने ईंटो और इसकी नीव चुना पत्थर से बनाई गई है।

मिस्र में ऐसे 6 सूर्य मंदिर

देश के उत्तरी हिस्से में मिले सूर्यमंदिर से पता चला कि मिस्र में और भी इसी तरह के मंदिर हैं। जिसके बाद उनकी खोज शुरू हुई, फिर रिसर्च और खोज से पता चला की पूरे मिस्र में ऐसे 6 सूर्य मंदिर हैं जो 4500 साल पुराने हैं अभी हाल ही में गोरब के रेगिस्तान में एक सूर्यमंदिर मिला है।

कुछ ऐसा दीखता रहा होगा मंदिर


पुरातत्वविदों ने मंदिर के ढांचे से एक कम्प्युटेराइज़्ड इमेज बनाई है, जिससे ये अनुमान लगाया गया है कि ये मंदिर उस समय कुछ ऐसा ही दिखाई देता रहा होगा। इस प्राचीन स्थल में मंदिर के साथ बियर के मग मिले हैं जिससे ये अनुमान लगायागया है की इन्ही जार से सूर्यदेवता को चढ़ावा चढ़ता रहा होगा। मिस्र के लोग सूर्य देवता को 'रा' RA के नाम से बुलाते थे। वैसे मिस्र में 25 वीं ईसापूर्व सदी से लेकर 24 इसपूर्व तक छोटे राजाओं द्वारा सूर्यमंदिर भी बनवाए गए थे।

लोग सनातन सभ्यता से क्यों जोड़ रहे हैं


सनातन सभ्यता यानी के हिन्दू धर्म में भी देवता सूर्य की उपासना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस धरती में मनुष्य जीवन की शुरआत सनातन सभ्यता से ही हुई है। ऐसे में जितने भी पुरानी सभ्यताएं हैं वो कहीं ना कहीं सनातन सभ्यता से मेल खाती हैं। जैसे चीन में भी हिन्दू देवी-देवताओ की पूजा की जाती थी, इसी प्रकार वाइकिंग और ग्रीक भी सूर्य, चन्द्रमा, बुद्ध, और बृहस्पति की पूजा करते थे।


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