क्यों उड़ाई जाती है मकर संक्रांति को पतंग, जानिए
मकर संक्रांति का पर्व दस्तक दे चुका है और आसमान में रंग बिरंगे पतंग भी नज़र आने लगे हैं। भारतीयों के लिए मकर संक्रांति बहुत ही महत्वपुर्ण त्यौहार है और भारत के हर राज्य में इसे अलग नाम और अलग ढंग से मनाया जाता है।
मकर संक्रांति का अर्थ होता है सूर्य का एक राशि से दुसरे राशि में प्रवेश करने को ही मकर संक्रांति कहतें हैं, भारतीय मान्यताओं के अनुसार कुल 12 राशियां होती हैं जिनमें से चार सबसे महत्वपुर्ण राशियां मेष, तुला, कर्क, मकर
हिन्दी रामायण में नहीं मगर तमिल रामायण में पतंग उडाने के विषय में श्री राम से जुडी एक कहानी का उल्लेख मिलता है, तन्दनान रामायण के अनुसार एक बार श्री राम मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ा रहे थे और उनकी पतंग उड़ कर ईंद्रलोक में चली गई
और ईंद्रलोक में इंद्र की बहु ने पतंग को अपने पास रख लिया जिसके बाद श्री राम ने हनुमान जी को ईंद्रलोक भेजा। हनुमान जी ने ईंद्र की बहु से पतंग मांगी तो उसने श्री राम जी से मिलने कि ईच्छा जताई,
श्री राम ने इंद्र की बहु को चित्रकूट में मिलने का वादा किया तब जाकर श्री राम को उनकी पतंग उन्हे वापस मिली।
ये है वैज्ञानिक कारण
ऐसा नहीं के भारतीय त्यौहारों के वैज्ञानिक कारण नहीं हैं, हर भारतीय त्यौहारों के वैज्ञानिक कारण होतें हैं। मकर संक्रांति के पीछे का वैज्ञानिक कारण है कसरत,
ठंड में लोग कसरत करना कम कर देतें हैं और मगर मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने से शरीर की अच्छी कसरत होती है।