बैंक FD में कब कितना और कैसे काटता है TDS, जानिए नियम

इस समय प्राइवेट से लेकर सरकारी तक लगभग सभी बैंकों ने फिक्सड डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं.
कई बैंक तो ऐसे हैं जिन्होंने एक ही महीने में दो बार FD पर इंटरेस्ट रेट बढ़ा दिया है. लोगों का सबसे पसंदीदा निवेश विकल्प भी FD ही होता है.
इसका सबसे बड़ा कारण है कि दूसरे स्कीम्स के मुकाबले यह सुरक्षित और सबसे कम जोखिम वाला होता है.
फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली आय पर पूरा पूरा टैक्स लगता है. मतलब इसमें कोई छूट नहीं होती है.
इसे आपकी कुल आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लागू होता है.
यदि आप वरिष्ठ नागरिक नहीं हैं और आपकी FD पर ब्याज 40,000 रुपये से अधिक होता है तो बैंक इस पर दी जाने वाली ब्याज पर TDS काटते हैं.
आप सीनियर सिटिजन हैं तो 50,000 रुपये के बाद TDS काटा जाता है.
TDS तब काटा जाता है, जब आपकी FD पर ब्याज जोड़ा जाता है या क्रेडिट किया जाता है, न कि तब, जब FD मेच्योर होती है.
इस तरह यदि आपने 3 साल की FD कराई है तो बैंक हर साल ब्जाय देते समय टीडीएस काटेंगे.
Author : Akash dubey
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