सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम सुपहिट साबित हो रही है. इसके जरिए सोने में निवेश करने वाले निवेशकों को जमकर कमाई हो रही ह...
SGV Scheme में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स के पैसे महज पांच साल में डबल हो गए. ये स्कीम सस्ते में सोना खरीदने के लिए बेहद पॉपुलर है.
इस योजना की शुरुआत सरकार ने साल 2015 में की थी, इसमें मैच्योरिटी पीरियड आठ साल का होता है.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम का भले ही मैच्योरिटी पीरियड आठ साल का हो, लेकिन इसमें पांच साल के बाद निकासी की छूट दी जाती है.
अब बीते पांच सालों की बात करें तो वित्त वर्ष 2017-18 में के मई महीने में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहले चरण की की पूर्व निकासी अवधि 2023 को पूरी हो चुकी है.
इसकी कीमत बढ़कर 6115 रुपये पर पहुंच चुकी है. यानी निवेशकों का इन्वेस्ट दोगुने से भी ज्यादा हो चुका है.
पांच सालों में इस गोल्ड बॉन्ड योजना के तहत मिले रिटर्न की बात करें तो इन्वेस्टर्स को 110 फीसदी का रिटर्न हासिल हुआ है.
इस योजना के तहत आप महज एक ग्राम सोने में भी निवेश कर सकते हैं. कोई इन्वेस्टर एक फाइनेंशियल ईयर में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत ज्यादा से ज्यादा 4 किलोग्राम सोने की खरीद कर सकता है.