Loan Recovery के लिए धमकी नहीं दे सकते रिकवरी एजेंट, देखें यहां
अगर आपने भी बैंक से कोई लोन लिया है और उसे चुका नहीं पा रहे हैं तो आपको अपने अधिकारों के लिए जागरूक होना चाहिए.
ऐसी स्थिति में आपके पास कई अधिकार रहते हैं जिनका उपयोग आप जरूरत पड़ने पर कर सकते हैं.
अगर आप बैंक से लोन लेकर उसे समय पर नहीं चुका पाते हैं तो बैंक रिकवरी एजेंट के जरिए आपसे पैसे वसूलते हैं. कई बार रिकवरी एजेंट कस्टमर्स को डरा धमकाकर लोन वसूलने की कोशिश करते हैं.
यह जानना जरूरी है कि उन्हें कस्टमर को धमकाने या बदसलूकी करने का कोई अधिकार नहीं है. वे सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही कस्टमर के घर जा सकते हैं.
अगर रिकवरी एजेंट्स कस्टमर्स से किसी तरह की बदसलूकी करते हैं तो इसकी शिकायत बैंक में कर सकते हैं.
बैंक से सुनवाई न होने पर बैंकिंग लोकपाल से गुहार लगाई जा सकती है.
कोई भी लेंडर लोन की वसूली करने के लिए बिना नोटिस दिए आपकी प्रॉपर्टी को कब्जे में नहीं ले सकता है.
जब कोई कस्टमर 90 दिनों तक लोन की किस्त नहीं चुकाता है तब उस अकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) में डाल दिया जाता है.
इसके साथ ही लेंडर के लिए लोन लेने वाले डिफॉल्टर को 60 दिन का नोटिस जारी करना पड़ता है.