RBI ने 8 बैंकों पर लगाया ताला, कहीं आपका बैंक तो नहीं शामिल
भारतीय रिजर्व बैंक ने बीते वित्त वर्ष "2022-23" में 8 बैंकों का लाइसेंस रद्द करने के साथ ही 114 बैंकों पर भारी जुर्माना लगाया है.
आरबीआई ने नियमों का पालन नहीं किए जाने के कारण इन बैंकों के खिलाफ कदम उठाया है.
सहकारी बैंक देश के ग्रामीण क्षेत्र और नगरी क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए बनाए जाते हैं. खबरों के अनुसार, पिछले कुछ समय से ये बैंक आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं.
नाम इस प्रकार हैं- मुधोल सहकारी बैंक, मिल्लथ सहकारी बैंक, रुपी सहकारी बैंक, डेक्कन सहकारी बैंक, लक्ष्मी सहकारी बैंक और बाबाजी दाते महिला शहरी बैंक.
RBI के मुताबिक, इन बैंकों को पर्याप्त पूंजी की कमी, रेगुलेटर एक्ट के तहत कानूनी नियमों के पालन करने में विफलता और भविष्य में कमाई की संभावना के कमी के कारण इन बैंकों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं.
वित्त वर्ष 22 में आरबीआई ने इसी तरह 12 बैंकों का लाइसेंस रद्द किया था. उससे पिछले 2 वर्षों में 5 बैकों का लाइसेंस रद्द किया गया था.
RBI ने करीब 114 बैंकों पर जुर्माना भी लगाया था. बैंकों पर पहले जुर्माना लगाकर चेतावनी दी जाती है. बैंक अगर उसके बाद नियमों का पालन करने में असफल होते हैं तो उनका लाइसेंस रद्द होता है.
RBI ने 114 बैंकों पर 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया था
अगर किसी बैंक का लाइसेंस रद्द हो जाता है. वहां के ग्राहक 5 लाख रुपये तक की राशि बैंक से वापस ले सकते हैं.