PPF : अकाउंटहोल्डर की मृत्यु हो जाए तो नॉमिनी को कैसे मिलेंगे पैसे! जानें नियम

जब भी किसी पीएफ अकाउंटहोल्डर की मृत्यु हो जाती है तो उसका पीएफ अकाउंट तबतक चालू रहता है, जब तक कि उसका नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी उसके अकाउंट से पूरे पैसे निकाल न ले.
अकाउंटहोल्डर के निधन के बाद नॉमिनी को अकाउंट की 15 साल की अवधि पूरी होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होती, वो डेथ क्लेम फॉर्म और इसके साथ जरूरी दस्तावेज भरकर ये पैसे विदड्रॉ कर सकता है.
पीएफ अकाउंटहोल्डर का नॉमिनी जरूरी दस्तावेज जमा करके अकाउंट से पूरे पैसे निकाल सकता है. उसे इसके लिए Form G और सब्सक्राइबर का डेथ सर्टिफिकेट देना होता है.
कुछ मामलों में ऐसा भी होता है कि पीएफ सब्सक्राइबर ने अपना कोई नॉमिनी नहीं बनाया होता है. ऐसी स्थिति में उसका कानूनी उत्तराधिकारी डेथ क्लेम डाल सकता है.
डेथ सर्टिफिकेट के साथ-साथ सक्सेशन सर्टिफिकेट या फिर कोर्ट से प्रोबेट ऑफ विल की एक अटेस्टेड कॉपी भी देनी होगी.
अकाउंटहोल्डर ने किसी और को नॉमिनी बनाया भी हो तो भी वैध कानूनी उत्तराधिकारी सक्सेशन सर्टिफिकेट डालकर पीएफ अकाउंट का पैसा क्लेम कर सकता है.
डेथ क्लेम डालने वाले नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को एक बात पता होनी चाहिए कि अगर सब्सक्राइबर का अकाउंट पर किसी तरह का क्रेडिट या ऋण बकाया है, तो क्लेम प्रोसीड में से कट जाएगा और फिर क्लेमेंट को बाकी का पैसा मिलेगा.
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