PMLA: सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग नियमों में किया बदलाव, जानें यहां
सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) में संशोधन किया है.
इसके तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए पॉलिटिकल एक्सपोज्ड पर्सन (PEP) के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन का ब्योरा रखना अनिवार्य कर दिया गया है.
PMLA के प्रावधानों के तहत वित्तीय संस्थानों या NGO के वित्तीय लेनदेन के बारे में सूचना जुटाना भी अनिवार्य कर दिया गया है.
राज्यों या सरकारों के प्रमुख, वरिष्ठ राजनेता, वरिष्ठ नौकरशाह या न्यायिक या सैन्य अधिकारी, राज्य के स्वामित्व वाले निगमों के वरिष्ठ अधिकारी और महत्वपूर्ण राजनीतिक दल के पदाधिकारी शामिल हैं, पीईपी कहे जाएंगे.
वित्तीय संस्थानों को अपने एनजीओ ग्राहकों की जानकारी का ब्यौरा भी नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर रखना होगा.
इस संशोधन के बाद, बैंकों और वित्तीय संस्धानों को अब न सिर्फ पीईपी और एनजीओ के वित्तीय लेनदेनों का रिकॉर्ड संभालकर रखना होगा.