Mutual Funds: एक्सपर्ट ने बताई Bond, Large cap में निवेश स्‍ट्रैटजी

म्‍यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले कई ऐसे निवेशक हैं, जो औसत रिस्‍क उठाने की क्षमता ही रखते हैं. ऐसे निवेशकों को मॉडरेट इन्‍वेस्‍टर कहा जाता है.
डरेट निवेशकों के पोर्टफोलियो में आमतौर पर ऐसे फंड्स होते हैं, जो बाजार की गिरावट में भी बड़े नुकसान से बचे रहते हैं.
ब्रोकरेज हाउस शेयरखान ने म्‍यूचुअल फंड पोर्टफोलियो के लिए इन्‍वेस्‍टमेंट स्‍ट्रैटजी जारी की है.
ब्रोकरेज ने औसत रिस्‍क उठाने की क्षमता रखने वाले निवेशकों की कैटेगरी के आधार पर म्‍यूचुअल फंड मॉडल पोर्टफोलियो बनाया है.
ब्रोकरेज की रिपेार्ट के मुताबिक, मॉडरेट पोर्टफोलियो में लार्ज कैप, टारगेट मैच्‍योरिटी/क्रेडिट अपॉर्च्‍युनिटी व डायनेमिक बॉन्‍ड और मिड और स्‍माल कैप शेयर को शामिल किया है.
लार्ज कैप में कुल अमाउंट का 40 फीसदी, टारगेट मैच्‍योरिटी/क्रेडिट अपॉर्च्‍युनिटी व डायनेमिक बॉन्‍ड में 40 फीसदी और मिड और स्‍माल कैप में 20 फीसदी निवेश करना है.
इस मॉडल पोर्टफोलियो में निवेश का मिनिमम होरिजॉन 3 साल है. साथ ही इसमें हर 12 महीने पर पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी है.
मॉडरेट निवेशकों से मतलब है कि वे बाजार का औसत रिस्‍क उठाने के लिए तैयार हैं और अगर रिटर्न योजना के मुताबिक नहीं आता है, तो भी वे उसके लिए आर्थिक रूप से तैयार है.
निवेशकों का मकसद लंबी अवधि में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट के मुकाबले ज्‍यादा रिटर्न हासिल करना मकसद रहता है. भले ही शॉर्ट टर्म में रिटर्न अनुमान से कमजोर रहे.
Author : Akash dubey
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