सच में, कमाल के थे कमाल खान
कमाल खान एनडीटीवी में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पोस्ट पर थे. वे लखनऊ समेत देश के अन्य इलाकों से विभिन्न मुद्दों पर रिपोर्टिंग भी करते थे. 
PTC में अपनी बात को कहने में माहिर थे,
प्रदर्शन के दौरान कई बार हमलावरों ने उनके वाहन में हमला किया, आजकल न्यूज़ रिपोर्टर जहाँ छोटी सी बात को बढ़ाचढ़ाकर बताते है
लेकिन फिर भी वे अपनी बात को शालीनता से कहते थे व उनके प्रतिनिधियों से बात करने का रास्ता खोजते थे
कमाल खान को उनकी बेहतरीन पत्रकारिता के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार मिला था.
साथ ही भारत के राष्ट्रपति द्वारा गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके थे.
बुधवार को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया, उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक छा गया है,
यूपी के सीएम योगी समेत, कई बड़ी हस्तियों ने ट्विटर पर शोक व्यक्त किया है
उन्हें 30 साल से अधिक का अनुभव था पत्रकारिता में,
पत्रकारिता जगत में कमाल खान सदैव अमर रहेंगे