Education Loan लिया है तो माफ होगा ब्याज, जानिए
विदेशो में पढ़ाई काफी महंगी होता है ऐसे में एजुकेशन लोन के माध्यम से खर्चों का बोझ उठाया जा सकता है।
एजुकेशन लोन पर लिया गया बीमा किसी अनहोनी या हादसे के कारण लोन की रिपेमेंट करने में हमारे काम आता है।
एजुकेशन लोन के तहत लिया गया पैसा चुकाने की जिम्मेदारी अधिकारिक तौर पर लोन के अप्लिकेंट की होती है।
एजुकेशन लोन में एप्लिकेंट स्टूडेंट होते हैं और अधिकतर एजुकेशन लोन में छात्रो के माता-पिता को-एप्लिकेंट की भूमिका में होते हैं।
लोन के बाद अगर कोई दुखद घटना एप्लिकेंट या को-अप्लिकेंट के साथ होती है तो यह बीमा लोन भरने में सहायता प्रदान करता है।
बीमा कराने से यह फायदा होता है कि किसी दुखद घटना के बाद को-एप्लिकेंट पर एजुकेशन लोन की पूरी रकम और ब्याज को चुकाने का बोझ नहीं पड़ता है।
अगर छात्र यानी की एप्लिकेंट को किसी दुर्घटना या हादसे में गंभीर चोट आ जाती है तो, इंश्योरेंस कंपनी को-एप्लीकेंट की जगह लोन की भरपाई करेगी।
स्टूडेंट्स को हमेशा अपना करियर सुरक्षित करने के लिए तीन तरह के इंश्योरेंस को आप्ट करना चाहिए।
इनमें पहला है हेल्थ इंश्योरेंस, दूसरा है एजुकेशन लोन इंश्योरेंस और तीसरा स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस। यह किसी भी कठीन समय में बेहद ही कारगर है।
Author : Akash dubey