म्यूचुअल फंड में निवेश से निवेशकों को एक अनुमानित समय में थोड़ा-थोड़ा निवेश करके अच्छा फंड तैयार करने की सुविधा मिलती है।
इंडिविजुअल इंवेस्टर्स, अनिवासी भारतीयों, बिजनेसों, हिंदू यूनाइटेड फैमिली, ट्रस्टों, कॉर्पोरेशंस और अन्य इंस्टिट्यूशंस के लिए म्यूचुअल फंड एसेट्स पर लोन उपलब्ध होता है।
बैंक/फाइनेंसिंग इंस्टिट्यूशंस आवेदक के क्रेडिट स्कोर सहित कई मानदंडों के आधार पर लोन राशि, लोन अवधि और ब्याज दर तय करते हैं।
बेहतर क्रेडिट स्कोर आपको कम ब्याज दर पर लोन हासिल करने में मदद कर सकता है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड के मामले में नेट एसेट वैल्यू के 50 फीसदी तक का लोन मिलता है।
निवेशक एक फाइनेंसिंग ऑर्गेनाइजेशन या बैंक से संपर्क कर सकता है और म्यूचुअल फंड पर लोन मांग सकता है।
कई फाइनेंस बिजनेस ऑनलाइन आवेदन भी लेते हैं जो पूरी प्रोसेस को आसान बनाते हैं और तेजी से लोन पास करते हैं।
म्युचुअल फंड पर लोन की ब्याज दर पर्सनल लोन की तुलना में कम होती है। इतना ही नहीं प्रोसेसिंग फीस लागत कम या माफ कर दी जाती है।