सैलरी अकाउंट कंपनी या नियोक्ता की तरफ से खोला गया वो अकाउंट जिसमें हर महीने आपकी सैलरी क्रेडिट होती है.
सैलरी अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सैलरी अकाउंट पर आपको जीरो बैलेंस की सुविधा मिलती है.
अगर आप इस अकाइंट में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं भी करते हैं तो बैंक किसी तरह का पेनल्टी आपसे नहीं लेगा.
रेगुलर सेविंग्स अकाउंट में मिनमिम बैलेंस मेंटेन करना आवश्यक होता है, वरना जुर्माना देना पड़ता है.
कई बैंक सैलरी अकाउंट पर फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की सुविधा देते हैं. इस सुविधा के तहत आपको टेंशन नहीं लेनी होगी कि महीने में कितने बार एटीएम से ट्रांजैक्शन करना है.
एटीएम सुविधा के लिए सैलरी अकाउंट पर एनुअल फीस भी नहीं वसूला जाता है.
सैलरी अकाउंट पर पर्सनल लोन्स से संबंधित स्पेशल ऑफर्स भी मिलता है. सैलरी अकाउंट पर प्री-अप्रुव्ड लोन की भी सुविधा मिलती है.
सैलरी अकाउंट पर ओवरड्राफ्ट की भी सुविधा मिलती है. 2 साल या इससे ज्यादा अवधि वाले सैलरी अकाउंट पर यह सुविधा मिलती है.
कई बैंक अपने सैलरी अकाउंट होल्डर्स को फ्री में चेकबुक, पासबुक और ई-स्टेटमेंट की सुविधा देते हैं.
सैलरी अकाउंट होल्डर्स को 20 लाख रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस मिलता है.