बिटकॉइन माइनिंग आप कैसे कर सकते है, क्या सेटअप करने होंगे
दरअसल हर एक बिटकॉइन एक सक्सेस्फुल ट्रांजेक्शन के बाद जनरेट होता है, कल्पना कीजिए की आपके पास बिटकॉइन है और आप उसे बेचना चाहते हैं
तो आप बिटकॉइन एक्सचेंज की वेबसाइट पे जायेंगे और बिटकॉइन सेल का रिक्वेस्ट करेंगे, तो आपको बिटकॉइन खरीदने के लिए कांटेक्ट करेंगे, आप उस व्यक्ति को बिटकॉइन सेंड करेंगे, आपके द्वारा भेजे गए
बिटकॉइन को वेरीफाई करने के लिए कोई बैंक या संस्था नहीं होती है तो इस काम को करने के लिए बहुत से लोग अपना खुद का वेरिफिकेशन सेण्टर खोल लेते हैं ,
आपके द्वारा भेजे गए बिटकॉइन सबसे पहले इन्ही वेरिफिकेशन सेण्टर में जाते हैं और जो भी सेण्टर सबसे पहले मैथ्स के प्रॉब्लम को सॉल्व कर देता है
बदले में उस वेरिफिकेशन सेण्टर को कुछ बिटकॉइन मिल जाते हैं इस प्रकार नए बिटकॉइन जनरेट होते हैं , आप चाहे तो खुदका वेरिफिकेशन सेण्टर खोल सकते हैं
लेकिन उसके लिए आपके पास बहुत ही पावरफुल GPU वाला कंप्यूटर होना चाहिए तथा इसके साथ पावरफुल IC होना चाहिए
जिससेआप बहुत ही तीव्र गति से मैथ्स के प्रॉब्लम को सॉल्व कर सके,
इस काम में बहुत ही ज्यादा मात्रा में इलेक्ट्रीसिटी इस्तेमाल होती है, एवं काफी तेज इंटरनेट स्पीड चाहिए होती हैं
बिटकॉइन की सबसे छोटी यूनिट Santoshi होता है, और 1 बिटकॉइन =10,00,00,000( 10 करोड़) Santoshi होता है
मतलब आप 1बिटकॉइन को 8 डेसिमल तक ब्रेक कर सकते हैं, आप बिटकॉइन को 0.0001 बिटकॉइन भी यूज कर सकते हैं