म्यूचुअल फंड के साथ करें रिटायरमेंट प्लानिंग, जानें यहां
ब्रोकरेज फर्म एंजल वन ने रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए 5 महत्वपूर्ण फैक्टर को ध्यान में रखने की सलाह दी है.
सबसे पहले डे-टू-डे एक्सपेंस का हिसाब करना होगा. अपने मंथली खर्च का एक एस्टिमेट तैयार करें.
रिटायरमेंट प्लानिंग में बच्चों की शादी या फिर उनके हायर एजुकेशन के खर्च को भी शामिल करना जरूरी होता है. यह हर इंडिविजुअल के लिए अलग-अलग होगा.
रिटायरमेंट के बाद आप कोई बिजनेस करना चाहते हैं या फिर किसी तरह का वेंचर शुरू करना चाहते हैं तो इन बातों को भी खर्च में शामिल करना होगा.
इमरजेंसी और एडिशनल फंड का होना भी जरूरी है. इसमें मेडिकल एक्सपेंस से लेकर किसी भी तरह की आकस्मिक घटना हो सकती है.
अगर आने वाले कल के लिए रोजाना 300 रुपए यानी हर महीने 9000 रुपए की SIP ऐसी स्कीम में की जाती है, जिसका औसत रिटर्न 10-12 फीसदी है तो आपका फंड कितना बड़ा बन सकता है.
10 फीसदी के औसत रिटर्न पर रिटायरमेंट फंड 2 करोड़ रुपए का होगा. 11 फीसदी के औसत रिटर्न पर 2.5 करोड़ रुपए का फंड तैयार होगा।
12 फीसदी के रिटर्न पर 3.17 करोड़ का फंड तैयार होता है. निवेश की राशि एक समान होन के बावजूद केवल रिटर्न पर दो फीसदी के बदलाव से आपका कॉर्पस डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ जाता है.