लोन रिकवरी को लेकर बैंक एजेंट कर रहे हैं परेशान, तो तुरंत करें शिकायत

बैंक के रिकवरी एजेंट लोन उगाही के नाम पर गलत व्यवहार करते हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोन लेने वाले हर ग्राहक को अपने अधिकारों के बारे में पता हो.
यदि आपके साथ बैंक रिकवरी एजेंट दुर्व्यवहार करता है तो आप डरिये मत बल्कि इसके खिलाफ आवाज उठाएं.
लगातार लोन की दो ईएमआई नहीं चुकाने की स्थिति में बैंक सबसे पहले आपको रिमाइंडर भेजता है.
होम लोन की लगातार तीन किस्तों का भुगतान नहीं करने पर बैंक आपको एक कानूनी नोटिस भेजता है.
बैंक की तरफ से आपको डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता है. इसके बाद बैंक ग्राहक से लोन की रिकवरी के प्रयास शुरू करता है.
आइये जानते हैं इस संबंध में RBI की क्या गाइडलाइंस के अनुसार - वसूली एजेंसी के विवरण के बारे में पहले ग्राहकों को सूचित किया जाना चाहिए.
अगर लोन लेने वाले व्यक्ति द्वारा शिकायत दर्ज की गई है, तो बैंकों को संबंधित मामले में रिकवरी एजेंट्स को तब तक भेजने की अनुमति नहीं है.
बैंक को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वसूली प्रक्रिया के संबंध में उधारकर्ताओं की शिकायतों का उचित समाधान किया जाए.
ग्राहकों से लोन रिकवरी को लेकर कुछ नियम और कानून तय किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं.
अगर कोई रिकवरी एजेंट लोन को लेकर अगर डराता, धमकाता है तो आप इसकी शिकायत बैंक के साथ-साथ थाने में भी करें.
Author : Akash dubey
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