ऐप से लोन लेते हैं तो हो जाएं सावधान! धोखाधड़ी से बचें
ऑनलाइन लोन ऐप द्वारा कर्ज देने के मामलों में धोखाधड़ी बढ़ी है और दिसंबर 2020 से इसमें इजाफा हुआ है.
इन खतरों की पहचान करने के लिए फिनटेक एसोसिएशन फॉर कंज्यूमर एम्पावरमेंट (FACE) और सेंटर फॉर फाइनेंशियल इंक्लूजन (CFI) ने फिनटेक लेंडिंग रिस्क बैरोमीटर लॉन्च किया है.
इस सर्वेक्षण में 90 फीसदी लोगों ने बताया कि ऐप के जरिए ऑनलाइन ऐप देने वाले कई फिनटेक लैंडर यानी वित्तीय संस्थाएं बेईमान हैं.
ज्यादा प्रोसेसिंग चार्ज लेते हैं, नियमों और शर्तों की सही जानकारी नहीं देते हैं और आक्रामक तरीकों से कर्ज की वसूली करते हैं,
डिजिटल लेंडिंग पर RBI के वर्किंग ग्रुप ने भारतीय एंड्रॉइड यूजर्स के लिए लगभग 1,100 लेंडिंग ऐप उपलब्ध पाए, जिनमें से लगभग 600 अवैध थे.
इस सर्वेक्षण में 83 प्रतिशत लोगों कहा कि ऑनलाइन ऐप से लोन लेने में साइबर धोखाधड़ी का खतरा रहता है.
इस सर्वे में 73 प्रतिशत लोगों ने 7 में से 5.1 के स्कोर के साथ डेटा गोपनीयता को एक गंभीर जोखिम माना. डेटा संरक्षण कानून की ना मौजूदगी और मानकों की कमी से जोखिम बढ़ा है.
Author : Akash dubey