विन्ध्य : मुख्यमंत्री के दौरे के पहले चली दनादन गोलिया, कई लोग हुये आईसीयू में भर्ती

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सतना। जिला अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में देर रात गोलिया के आवाज से गूंज उठी। इससे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हत्या के प्रयास के आरोपियों पर दूसरे पक्ष ने बदला लेने की नीयत से रात करीब 1 बजे दनादन तीन राउंड फायर किए। हालांकि हमलावरों का निशाना चूक गया और छर्रे दीवार में लगे। सूत्रों की मानें तो हत्या के प्रयास के आरोपी इंद्रजीत सिंह उर्फ मिक्की सरदार को उसके एक साथी अनुज पटेल को कोलगवां थाना पुलिस ने सोमवार देर मारपीट की सूचना पर पकडऩे गई थी। जैसे ही आरोपियों को पुलिस के आने की भनक लगी तो वह भागने लगे।

पुलिस ने पीछा किया तो रात के अंधेर में गिरकर चोटिल हो गए। फिर बाद में पुलिस ने लहुलुहान हालत में पकड़कर जिला अस्पताल में दाखिक कराया था। फिर अपने रसूख के दम पर आरोपी सतना जिला अस्पताल के आईसीयू में दाखिल हो गए। कुछ देर बाद आईसीयू में तीन राउंड फायर हुए। अस्पताल के अंदर गोली चलने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

कैसे आईसीयू में दाखिल हुए आरोपी
घटना के बाद बड़ा सवाल यह है कि हत्या के आरोपियों को आखिर आईसीयू में क्यों दाखिल किया गया। जबकि आईसीयू में ह्दय रोग संबंधी मरीजों को दाखिल किया जाता है। अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया है। सीएस ने आरएमओ और अस्पताल प्रशासक को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। किस चिकित्सक के परामर्श पर आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था।

अस्पताल में दाखिल आरोपियों के दो आरोप
अस्पताल में दाखिल आरोपियों ने दो प्रकार के आरोप लगाएं है। पहला आरोप कोलगवां पुलिस पर है। जो सगमनिया के पास आरोपियों के साथ मारपीट की। जब गंभीर हो गए तो अस्पताल में दाखिल कराया। वहीं दूसरा आरोप किसी शातिर अपराधी पर है। जो अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर गोली मारकर हत्या करना चाहते थे।

सीएम के दौरे के कारण पुलिस कर रही लीपापोती
गौरतलब है कि 18 जुलाई और 19 जुलाई को जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा प्रस्तावित है। एक दिन पहले अस्पताल के अंदर गैंगवार होंने से पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए है। कोई घटना के संबंध में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।