हाथरस केस : योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, SP-CO समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए, नार्को टेस्ट भी होगा

हाथरस केस: योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, SP-CO समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए, नार्को टेस्ट भी होगा

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय लखनऊ

लखनऊ. हाथरस मामले की गाज जिले के SP एवं थाने के CO समेत 5 पुलिसकर्मियों पर गिरी. योगी सरकार ने इन सभी को ससपेंड कर दिया है.

बता दें इस मामले में खुद सीएम योगी आदित्यनाथ नजर गड़ाए हुए थें. मामले पर लगातार विपक्ष उनपर दबाव बना रहा था. अब सीएम के निर्देश पर ही हाथरस एसपी विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. पांचों को निलंबित करने का फैसला SIT की पहली जांच रिपोर्ट मिलने के बाद किया गया.

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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि एसपी समेत सभी निलंबित पांचों पुलिसकर्मियों, वादी, आरोपितों व अन्य संबंधित लोगों व पुलिसकर्मियों के पॉलीग्राफ व नार्को एनालिसिस टेस्ट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं.

गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंड पीठ ने हाथरस की घटना का स्वतः संज्ञान लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे. मामले को लेकर कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, डीएम व तत्कालीन एसपी को 12 अक्टूबर को तलब किया है.

शामिली एसपी को हाथरस की कमान

शुक्रवार रात हुई निलंबन की कार्रवाई के बाद शालिनी एसपी विनीत जायसवाल को एसपी हाथरस का पदभार सौंपा है. जबकि रायबरेली में पदस्थ एएसपी नित्यानंद राय को एसपी के पद पर शामिली भेजा गया है.

@CM Yogi Adityanath (सीएम योगी आदित्यनाथ) ने अपने Twitter Handle से Tweet करते हुए लिखा है कि “उत्तर प्रदेश में माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने का विचार मात्र रखने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है। इन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। आपकी @UPGovt प्रत्येक माता-बहन की सुरक्षा व विकास हेतु संकल्पबद्ध है। यह हमारा संकल्प है-वचन है।”

बता दें कि 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था. लड़की को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई थी. इसके बाद प्रशासन ने जबरन रात में लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया.

विपक्ष मीडिया की एंट्री बैन

बता दें हाथरस के गाँव में मीडिया एवं विपक्ष के नेताओं के प्रवेश पर पावंदी लगा दी गई है. जगह जगह पुलिस बल तैनात किए गए हैं. परिवार मीडिया से बात करना चाह रहा है पर उन्हें भी इसकी इजाजत नहीं है. जबकि खुद डीएम परिजनों से मिल रहें हैं, उन्हें धमका रहें हैं. इधर, मीडिया का आरोप है कि उन्हें कवरेज करने से भी रोका जा रहा है.

पुलिस ने नेताओं पर किया लाठीचार्ज

इतना ही नहीं राहुल गाँधी ने योगी सरकार की पुलिस पर लाठी मारते हुए जमीन पर गिराने के आरोप भी लगाए हैं. शुक्रवार को ही लखनऊ में इस मसले पर प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोट आई, सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया को भी चोटें आई.

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न रेप हुआ, न गैंगरेप : यूपी पुलिस

इधर, मामले को लेकर यूपी पुलिस ने एक बार फिर दावा किया है कि मृतक पीड़िता के साथ न ही रेप हुआ है एवं न ही गैंगरेप.

@UP Police के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि “गर्दन में चोंट एवं मानसिक आघात की वजह से लड़की की मौत हुई है. हुई. सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और जातीय हिंसा भड़काने के लिए कुछ लोग तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं. हम देखेंगे कि ऐसा कौन कर रहा है.”

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