स्टोन क्रेशर संचालकों ने छीना ग्रामीणों का चेन, बीमारियों का दे रहे उपहार : VINDHYA NEWS

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स्टोन क्रेशर संचालकों ने छीना ग्रामीणों का चेन, बीमारियों का दे रहे उपहार : VINDHYA NEWS

VINDHYA NEWS । रीवा जिले के साथ ही सतना, सीधी, सिंगरौली में जगह-जगह संचालित स्टोन क्रेशर की अवैध कमाई से जहां संचालक, अधिकारी और नेता-नपाड़ी मलाई छान रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर आम गरीब लोगों को बीमारियां उपहार में दे रहे हैं। उनका जीवन नर्क बना दिया गया है। जिनकी सुनवाई कहीं नहीं होती है।

स्टोर क्रेशर से होने वाले प्रदूषण के कारण आसपास के ग्रामीण रहवासियों का जीना दुश्वर हो गया है। लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। स्टोन क्रेशर संचालक खुद तो मालामाल हो रहे हैं लेकिन ग्रामीणों को बीमारियों का उपहार दे रहे हैं।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का फिक्स खाता चल रहा है। ऐसे हालात में ग्रामीणों की परेशानियों और अवैध कारोबार की बात कौन सुनेगा। आसपास के ग्रामीण दमा, खांसी, टीबी, श्वास जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सरकार के जो मापदण्ड हैं उनका पालन नहीं हो रहा फिर भी धड़ल्ले से स्टोर क्रेशर संचालित हो रहे हैं। किसानों जमीन जबरिया अधिग्रहीत की जा रही है।

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तिलोरा में संचालित स्टोर क्रेशर से ग्रामीण हलाकान

सतना-मैहर-रीवा रोड स्थित तिलोरा में एनएच 30 के किनारे संचालित जय बजरंग स्टोन क्रेशर के कारण फैलने वाले प्रदूषण से ग्रामीण हलाकान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्रेशर संचालक जाना माना पत्थर कारोबारी है जिसकी नेताओं और अधिकारियों के बीच अच्छी पैठ है।

यही कारण है कि शासन के सभी नियमों को धता बताकर धड़ल्ले क्रेशर का संचालन कर रहा है। पानी आदि का छिड़काव न किये जाने से धूल के गुबार से पूरा वातावरण प्रदूषित बना रहता है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराकर कार्यवाही की मांग की है।

स्टोन क्रेशर संचालकों ने छीना ग्रामीणों का चेन, बीमारियों का दे रहे उपहार : VINDHYA NEWS

रीवा से सेमरिया के बीच आधा सैकड़ा क्रेशर संचालित

रीवा से बनकुइयां व सेमरिया के बीच लगभग आधा सैकड़ा स्टोन क्रेशर संचालित हैं। इन स्टोन क्रेशर संचालकों द्वारा सरकार के नियमों का पालन नहीं किया जाता बल्कि पैसे के दम पर मनमानी की जाती है। जिससे ग्रामीण काफी परेशान हैं।

कई क्रेशर संचालित होने के कारण लोग बीमारी की चपेट में तो आ ही रहे हैं साथ ही उनकी खेती-किसानी भी प्रभावित है। गांव के गांव धूल के गुबार में ढके रहते हैं। भोजन, पानी सब प्रदूषित हो गया है। स्वच्छ कपड़े, शुद्ध हवा, पानी यहां के रहवासियों को नसीब नहीं है। इसी तरह से रीवा से सतना मार्ग और मैहर-अमरपाटन मार्ग पर भी कई स्टोर क्रेशर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।

क्रेशर संचालन के ये हैं नियम

कोई भी स्टोन क्रेशर संचालन हेतु इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि इन नियमों का पालन नहीं किया जाता तो विभाग इन्हें बंद करने के लिए अधिकार रखता है। जबकि जिले में संचालित कोई भी स्टोन क्रेशर संचालक दिए गए नियमों में से एक भी नियम का पालन नहीं कर रहा है फिर भी अधिकारियों के रहमोकरम पर सभी क्रेशर चल रहे हैं।

-डस्ट को बाहर जाने से रोकने के लिए डस्ट अरेस्टर होना चाहिए।
-जहां पर क्रेशर संचालित है उस क्षेत्र के तीन ओर बड़ी दीवार होना चाहिए।
-पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से सघन वृक्षारोपण क्षेत्र में होना अनिवार्य है।
-नियम के तहत स्टोन क्रेशर में सुबह और शाम सिंचाई होना अनिवार्य है जिससे डस्ट न उड़े।
-क्रेशर के पास घनी आबादी न हो इसके साथ ही नदी के किनारे क्रेशर संचालित करने की अनुमति नहीं है।

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