रीवा : अब केन्द्र सरकार के पास भेजी जाएगी परफार्मेंस, इसमें क्या होगा खास, पढि़ए विस्तार से1 min read

Rewa

रीवा। नगरीय निकायों को मिलने वाली ग्रांट अब उनके खुद के परफार्मेंस के आधार पर तय होगी। इसके लिए सभी निकायों को बताना होगा कि किस तरह से वह कार्य कर रहे हैं, पूर्व में मिली राशि का उपयोग किस तरह से हो पा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग ने रीवा सहित अन्य निकायों से प्रपत्र में जानकारी भरकर भेजने के लिए कहा है।
१४वें वित्त आयोग के तहत परफार्मेंस ग्रांट प्राप्त करने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाने योजना जारी की गई है। जिसके लिए निर्धारित मानक को पूरा करना होगा। सबके लिए अलग-अलग शर्तों के आधार पर अंक निर्धारित किए गए हैं। यह वित्तीय वर्ष २०१७-१८ से २०१९-२० तक लागू रहेगी। स्व मूल्यांकन कर जानकारी शासन के पास निगम को भेजनी होगी।

केन्द्र सरकार के पास भेजी जाएगी जानकारी
निकायों की इसी जानकारी को राज्य सरकार केन्द्र के पास भेजेगी जहां से परफार्मेंस ग्रांट की राशि निर्धारित होगी। पूर्व में जिलों के हिसाब से राशि आती रही है जिसमें निकायों को वितरित करने में पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं, इस वजह से नई व्यवस्था बनाई गई है।

नहीं भेज पाए जानकारी
नगर निगम को अपने कामकाज के ब्यौरे का स्वमूल्यांकन करने के बाद नगरीय प्रशासन संचालनालय को जानकारी भेजने की अंतिम तिथि १६ अगस्त तय की गई थी। इसी तरह नगर परिषदों को भी संयुक्त संचालक के यहां जानकारी भेजने की अंतिम तारीख यही निर्धारित की गई है। संयुक्त संचालक अपनी अनुसंशा के साथ ३० अगस्त तक जानकारी शासन को भेजने के लिए कहा गया था। लेकिन अब तक नगर निगम ने अपनी जानकारी नहीं भेजी है। यही हाल नगरीय प्रशासन विभाग के संभागीय कार्यालय का हाल है, जहां से शासन को जानकारी नहीं भेजी गई है। समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाने की स्थिति में नगर निगम आयुक्त और संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई थी।

इन कार्यों के लिए मिलेगी राशि
१४वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाला अनुदान इस बार मूलभूत सुविधाओं के लिए फोकस किया जा रहा है। प्रमुख रूप से जलप्रदाय, स्वच्छता, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक परिसंपत्तियों का संधारण, सड़कों तथा फुटपाथ का संधारण, स्ट्रीट लाइट, श्मशान आदि के विस्तार के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

ऐसे निर्धारित होंगे अंक
-वर्ष २०१६-१७ की ऑडिट रिपोर्ट निकाय की वेबसाइट पर प्रकाशित होना अनिवार्य – १० अंक
– निकाय के स्वयं का राजस्व व्यय ५० से ७० प्रतिशत के ऊपर होना चाहिए। – १० से २० अंक
-कुल व्यय से पूंजीगत व्यय का प्रतिशत २० से अधिक हो- २० अंक
-जलप्रदाय अनुपात ७० प्रतिशत से अधिक होने पर- १५ अंक
– नॉन रेवेन्यू वॉटर ४० प्रतिशत से अधिक होने पर- १५ अंक
– सार्वजनिक शौचालयों के लिए जलप्रदाय शतप्रतिशत होने पर- १० अंक
– वैज्ञानिक तरीके से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन- १० अंक

ग्रांट के लिए ६० अंक पाना जरूरी
परफार्मेंस ग्रांट पाने के लिए ६० या उससे अधिक अंक पाना अनिवार्य किया गया है। इससे कम अंक वाले निकाय पात्र नहीं होंगे। कुछ मानकों में रीवा को अंक मिलना मुश्किल हैं लेकिन माना जा रहा है कि ६० अंक तक पहुंच जाएगा। कई ऐसे मानक हैं जिन्हें पूरा किया जा रहा है।

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