जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने किया छात्रावास का निरीक्षण, निरीक्षण में मिली भारी गड़बड़ियां, गुणवत्ता विहीन बनाया जा रहा भोजन1 min read

Rewa

रीवा। रायपुर कर्चुलियान जनपद अंतर्गत सीनियर बालक छात्रावास एवं अनुसूचित जाति/ जनजाति नवीन छात्रावास बालिका का निरीक्षण आज जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती विभा पटेल ने किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में भारी गड़बड़ियां सामने आई। इतना ही नहीं छात्रावास में रहने वाले बालक-बालिकाओं को दिये जाने वाले भोजन में गड़बड़ी पाई गई।

मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा चलाया जा रहा शिक्षा के सुधार हेतु क्रियान्वयन जांच करने एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की सही हकीकत जानने के लिए रीवा जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर रायपुर कर्चुलियान ब्लॉक में सीनियर बालक छात्रावास रायपुर कर्चुलियान का निरीक्षण किया गया। छात्रावास अधीक्षक अच्छे लाल रावत अनुपस्थित मिले। जबकि चौकीदार द्वारा बताया गया कि छात्रावास में 50 बच्चे दर्ज हैं लेकिन जांच के दौरान 4 ही बच्चे उपस्थित मिले । जब उपाध्यक्ष द्वारा छात्र उपस्थिति पंजी एवं अभिलेख की माग की गई तो बताया गया कि समस्त अभिलेख अधीक्षक के पास हैं।

निरीक्षण के दौरान रसोई घर में जो खाना बनाया जा रहा था उस में कीड़े पड़े हुए थे। भोजन में केवल चावल और दाल ही पक रहा था। जबकि वहीं पर उसी रसोई घर में खाना बनाने वाले रसोईया का अलग से अपने लिए भोजन बना रहा था। जिस पर उपाध्यक्ष ने जमकर फटकार लगाई एवं कार्यवाही करने की बात कही। इसके बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने अनुसूचित जाति/जनजाति बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधीक्षिका अर्चना साकेत जो की शिक्षा विभाग केे गढ़ संकुल में अध्यापक संवर्ग की हैं। और  छात्रावास से विद्यालय की दूरी 60 किलोमीटर है। कह कि शासन का नियम है कि छात्रावास में वही शिक्षा विभाग का शिक्षक कार्य कर सकता है जिसकी छात्रावास से विद्यालय की दूरी 7 किलोमीटर हो, लेकिन यहां पर सभी नियमों को दरकिनार कर अध्यापक की पदस्थापना छात्रावास में की गई है। जिस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से कार्यवाही कराने की बात कही है।

इसके बाद माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय पटना एवं रायपुर निरीक्षण किया। विद्यालय संचालित पाया गया। माध्यमिक विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित थे एवं प्राथमिक विभाग में से रजनीश तिवारी तहसील रायपुर कर्चुलियान में विगत 2 वर्षों से अटैचमेंट में है जो कि नियमानुसार सही नहीं है। इसके बाद ग्राम पंचायत इटौरा में आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया गया। जहां शांति मिश्रा कार्यकर्ता, कौशिल्या दुबे सहायिका उपस्थित पाई गई। आंगनवाड़ी में दर्ज 30 छात्रों में से 8 छात्र उपस्थित थे। मध्यान भोजन का कार्य कर रहे हैं समूह जय मां शारदा समूह द्वारा हल्दी की मात्रा कम एवं मोटी एवं कच्ची रोटियां बच्चों को दी जा रही थी। जबकि शासन द्वारा कुपोषण हटाने के लिए वचनबद्ध है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष द्वारा बताया गया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की सरकार द्वारा सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त धनराशि सभी विभागों को दी जा रही है फिर भी राशि का बंदरबांट कर योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो रहा है। योजनाओं में संलग्न कर्मचारियों द्वारा लापरवाही एवं भ्रष्टाचार व्याप्त है। जो कि कर्मचारी का दायित्व के खिलाफ है। उपाध्यक्ष जिला पंचायत द्वारा कहा गया कि निरीक्षण मेरे द्वारा किया जाएगा जो कर्मचारी अपने पद एवं कर्तव्य के प्रति सजगता से कार्य नहीं करेंगे उनके खिलाफ आगामी बैठक में कठोर कार्यवाही करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। 

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