Blackmailing का शिकार हुए भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय 1

Blackmailing का शिकार हुए भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय

Sports Crime Madhya Pradesh National Rewa

ईश्वर पांडे आईपीएल मैच खेल चुके हैं।

रीवा. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पांडे साबइब क्राइम का शिकार हुए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया में पोस्ट लिखकर लोगों से सपोर्ट मांगा है। ईश्वर पांडे को लगातार सोशल मीडिया एकाउंट में ब्लैकमेल किया जा रहा है।

क्रिकेटर ईश्वर पांडे रीवा के रहने वाले हैं। वे मैच खेलने के लिए रीवा से बाहर हैं। ईश्वर पांडे आइपीएल भी खेलते हैं। शनिवार को उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा क्यू यास्मीन नाम की आईडी से उनके पास ब्लैकमेलिंग के मैसेज आ रहे हैं। वे इन मैसज से काफी डरे हुए हैं। उन्होंने कहा- उनका परिवार है और ऐसे मैसेज से उनकी और उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए वे लोगों से बुरे वक्त में मदद की अपील कर रहे हैं।

Blackmailing का शिकार हुए भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय 2

साइबर सेल में की शिकायत
ईश्वर पांडे ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की है। उन्होंने शिकायत की कॉपी भी शेयर की है। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया से अपना पोस्ट हटा लिया है। ईश्वर ने अपना एकाउंट भी हैक किए जाने की अंदेशा जताई है।

ईश्वर बीएसएनएल में कार्यरत हैं। रणजी में सबसे ज्यादा विकेट लेने के बाद उनका चयन इंडिया टीम के न्यूजीलैण्ड दौरे के लिए हुआ था , जहां उन्होंने प्रैक्टिस मैच खेला था। ईश्वर को मध्यप्रदेश का सबसे तेज गेंदबाज होने के कारण उन्हें विध्यांचल एक्सप्रेस भी कहा जाता है। ईश्वर आईपीएल में राइजिंग पुणे की टीम के साथ खेल चुके हैं।

आईपीएल में प्रदर्शन
ईश्वर पांडे ने 2013 में आईपीएल मैच में डेब्यू किया था। उन्होंने इस में वो शून्य रन पर ऑउट हुए थे। वहीं, उन्होंने 2 ओवरों में 33 रन दिए थे उन्हें कोई सफलता नहीं मिली थी। आईपीएल में उन्होंने 25 मैचों में 18 विकेट लिए हैं। ईश्वर पांडे चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से भी खेल चुके हैं। ईश्वर पांडे ने अपना आखिरी मैच 2015 में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ खेला था। 2015 में ईश्वर पांडे चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल थे। इस मैच में उन्होंने तीन आवरों में 22 रन देकर एक विकेट लिया था।

Facebook Comments
Please Share this Article, Follow and Like us:
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •