रीवा: न्यायालय में फ़र्ज़ी ऋण पुस्तिका लेकर जमानत लेने पहुंचा था, जानिए फिर क्या हुआ? 1

रीवा: न्यायालय में फ़र्ज़ी ऋण पुस्तिका लेकर जमानत लेने पहुंचा था, जानिए फिर क्या हुआ?

Rewa Madhya Pradesh

रीवा. न्यायालय में दूसरे की ऋण पुस्तिका लेकर जमानत लेने पहुंचा युवक गिरफ्तार हुआ है। न्यायाधीश को उसकी गतिविधियों पर संदेह हो गया था जिस पर उसे पकड़कर थाने भेज दिया गया। न्यायालय की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। न्यायालय में परिसर में फर्जी जमानतदार पुलिस के हांथ लगा है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसके विश्वकर्मा की अदालत में जमानत लेने उक्त युवक पहुंचा था। धारा 456, 34 के मामले में आरोपी सलामन खान की जमानत के लिए उसने ऋण पुस्तिका लगाई थी। वह जमानत के लिए न्यायालय के समक्ष हाजिर हुआ तो न्यायाधीश को उस पर संदेह हो गया। जब उन्होंने ऋण पुस्तिका को चेक किया तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। उनके निर्देश पर तत्काल आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी की पहचान विनोद सिंह के रूप में हुई है। न्यायालय की शिकात पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्जकर जांच की जा रही है।

न्यायाधीश ने उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया
उक्त आरोपी पिता का नाम गलत बोलकर फंस गया। न्यायाधीश ने जब उससे पिता का नााम पूंछा तो आरोपी ने बाल्मीक सिंह बताया जबकि ऋण पुस्तिका में विनोद सिंह पिता मोतीलाल सिंह लिखा हुआ था। बाद में जब न्यायाधीश ने फोटो मिलान की तो वह भी दूसरी लगी थी। आरोपी की करतूत सामने आ गई जिस पर न्यायाधीश ने उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया।

धोखाधड़ी का मामला दर्ज
राजकुमार मिश्रा, थाना प्रभारी सिविल लाइन ने बताया कि न्यायालय में आरोपी दूसरे की ऋण पुस्तिका से जमानत लेने गया था जिसे न्यायालय के आदेश पर थाने लाया गया था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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