रीवा: बिजली-पानी की समीक्षा में जिले के विधायकों, जिपं अध्यक्ष की ‘NO ENTRY’, कमलनाथ सरकार के 3 मंत्री आज रीवा में 1

रीवा: बिजली-पानी की समीक्षा में जिले के विधायकों, जिपं अध्यक्ष की ‘NO ENTRY’, कमलनाथ सरकार के 3 मंत्री आज रीवा में

Rewa Madhya Pradesh

केवल प्रभारी मंत्री और अधिकारी ही करेंगे समीक्षा, पहली बार सीएम का पॉवर लेकर आ रहे प्रभारी मंत्री

रीवा. जिला सरकार की गठन की प्रक्रिया के बीच और लोकसभा चुनाव के बाद पहली मर्तबा मीटिंग लेने आ रहे प्रभारी मंत्री इस बार सीएम के बराबर पावर लेकर आ रहे हैं। हालांकि, अभी जिला सरकार का गठन नहीं हुआ है। प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया बुधवार दोपहर 12 बजे कृषि, बिजली व पानी की योजनाओं की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में केवल अधिकारी ही मौजूद रहेंगे।

बैठक में जिला योजना समिति के सदस्य एवं विधायक या अन्य जनप्रतिनिधि शामिल नहीं हो सकते। यह बैठक होने के पहले सियासत में फंस गई है। जनप्रतिनिधि खासतौर पर जिला पंचायत के सदस्य तो कह रहे हैं कि बिना जनप्रतिनिधियों के समीक्षा बैठक कैसे हो सकती है अधिकारी तो केवल आंकड़े ही प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रदेश में सरकार बने छह महीने हो गए हैं, अभी तक जिला योजना समिति की बैठक भी नहीं हुई। रीवा में जिला योजना समिति की आखिरी बैठक 31 अगस्त 2017 को हुई थी। उसके बाद से अब तक बैठक नहीं हुई है। हालांकि 12 जून को जिला योजना समिति की बैठक लेने नहीं आ रहे हैं, पर प्रभारी मंत्री योजनाओं की स्थिति के बारे में पूछ सकते हैं।

ज्ञात हो कि सीएम कमलनाथ ने एलान किया था कि प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जिले में पावरफुल रहेंगे। वे बिजली, पानी और कृषि संबंधी योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

सैकड़ों के काम हुए ही नहीं
उल्लेखनीय है, रीवा जिले के लिए विकेन्द्रीकृत एवं एकीकृत जिला योजना वर्ष 2017-18 के लिए 96316.96 लाख रुपये, वर्ष 2018-19 हेतु 82640.08 लाख रुपये, तथा वर्ष 2019-20 के लिए 96316.96 लाख रुपये की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया था। इनमें से अधिकांश कार्य हुए ही नहीं। इस कार्य योजना कितनी प्रगति हुई इसका यौरा मांगा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि खनिज संस्था के अधीन प्राप्त निधि की 60 प्रतिशत राशि से पेयजल, पर्यावरण, संरक्षण एवं प्रदूषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, वृद्ध एवं नि:शक्तजन कल्याण, कौशल विकास एवं स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य होने थे। शेष 40 प्रतिशत निधि का उपयोग भौतिक संरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं वाटर-शेड तथा खनन जिलों में पर्यावरण आदि के कार्य करवाए जाने थे। इनकी वास्तविक स्थिति की जानकारी मंत्री मांग सकते हैं। ज्ञात हो रॉयल्टी से रीवा जिले को लगभग 80 करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया था। अब समीक्षा में यह सामने आएगा कि राशि का या उपयोग हुआ है।

तीन-तीन मंत्री आज रीवा में
प्रदेश के तीन मंत्री प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया मंत्री सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, खनिज साधन मंत्री प्रदीप जायसवाल एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल रीवा में मौजूद रहेंगे। इनमें से प्रभारी मंत्री को छोडक़र समीक्षा बैठक में कोई शामिल नहीं होगा। प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया 12 जून (बुधवार) को सुबह 8 बजे रेवांचल एसप्रेस से रीवा पहुंचेंगे। तदुपरांत वह प्रात: 9.30 बजे राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल प्रथम वाहिनी के नव निर्मित भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे पूर्वाह्न 11 बजे लक्ष्मणबाग मंदिर जाएंगे। प्रभारी मंत्री दोपहर 12 बजे से कलेट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में बिजली विभाग, कृषि विभाग तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। प्रभारी मंत्री का दोपहर बाद 3 बजे सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता से भेंट करने के उपरांत शाम 5.30 बजे देवीघाट उपरहटी में आयोजित नदी आरती कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा शाम 6.30 बजे कार द्वारा सतना के लिए प्रस्थान करेंगे।

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