चित्रकूट हत्याकांड के बाद रीवा में बच्चे के अपहरण को लेकर आये अन्य मोड़, पढ़िये पूरी खबर

Rewa

रीवा. एक दिन पूर्व घर के बाहर से अपहृत मासूम बच्चा 24 घंटे बाद सुरक्षित लौट आया है। बच्चे के मिलने पर मां सहित परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। रातभर बच्चा कहां था यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जंगल के समीप बच्चे के मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। नईगढ़ी थाना के शंकरपुर निवासी इंद्रजीत यादव सोमवार सुबह अपने ढाई वर्षीय पोते को घर लेकर आए थे, जो दूसरे बच्चों के साथ वहीं खेल रहा था। कुछ देर बाद बच्चा लापता हो गया। परिजनों ने बच्चे की काफी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्चे की खोजबीन शुरू की थी। बच्चे की तलाश कर रहे परिजनों को मंगलवार सुबह बच्चा सुरक्षित मिल गया।

खुशी का ठिकाना न रहा
गांव से लगे जंगल में वह बैठा था। बच्चे को सुरक्षित देखकर परिजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। वे बच्चे को घर लेकर आए जिसे देखकर मां ने सीने से लगा लिया। उधर बच्चे की तलाश कर रही पुलिस उसके सुरक्षित मिलने पर तत्काल घर पहुंच गई। पुलिस ने बच्चे से बात करने का प्रयास किया, हालांकि ढाई साल का मासूम स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता पाया। परिजनों के अनुसार घटना दिनांक की सुबह वह बाबा के घर से अपने मां के पास जाने के लिए निकला था, लेकिन इतनी दूर वह जंगल में कैसे पहुंच गया इसका पता नहीं चल पाया है। सारी रात बच्चा जंगल में भटकता रहा और सुबह सुरक्षित मिल गया।

जंगल में सो रहा था
सुबह जब परिजनों को बच्चा मिला तो वह जंगल में सो रहा था। पहाड़ के ऊपर आराम से वह लेटा हुआ था और रो भी नहीं रहा था। परिजनों ने जब उसे जगाया तो अपनों को पास में देखकर वह सीने से लग गया। गोद में उठाकर परिजन उसे घर ले आए।

अपहरण की आशंका
उधर, पुलिस उक्त बच्चे के अपहरण की आशंका से भी इंकार नहीं कर रही है। दरअसल बच्चे का किसी ने अपहरण कर लिया था। उसको दिन भर अपने पास रखे रहा। बाद में पकड़े जाने के डर से रात में उसको जंगल में छोड़ गया। इधर, सेमरिया थाना प्रभारी जालम सिंह ने कहा कि बच्चा एक दिन पूर्व घर से लापता हो गया था जो सुबह जंगल के समीप सुरक्षित मिल गया। बच्चा वहां कैसे पहुंचा यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच की जा रही है।

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