रीवा के आडिटोरियम में बन रहे बारात घर को लेकर आई बड़ी खबर 1

रीवा के आडिटोरियम में बन रहे बारात घर को लेकर आई बड़ी खबर

Rewa

रीवा। कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए शहर में बनाए गए आडिटोरियम पर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर आरोप लगाने का सिलसिला जारी है। इसकी व्यवस्था सुधारने के लिए किसी की ओर से प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। आडिटोरियम के निर्माण की शुरुआत से लेकर इसके नामकरण और फिर संचालन के लिए एजेंसी तय करने तक विवाद बना रहा। कई शिकायतें एवं आरोप भी सामने आए लेकिन तत्कालीन सत्ता से जुड़े लोगों ने सबको नजरंदाज कर दिया। अब एक बार फिर दोनों ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं। महापौर ने कहा कि पूर्व में यदि कुछ कमियां थी तो उन्हें अब सुधारा जा सकता है।

कलेक्टर ने संस्कृति विभाग को सौंपने का प्रस्ताव भेजा लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया। इसके लिए कांग्रेस को प्रयास करना चाहिए। यदि वे नहीं करते तो संस्कृति विभाग को फिर पत्र भेजा जाएगा। महापौर के इस बयान पर कांग्रेस फिर आक्रामक हो गई है। पहले कांग्रेस के शहर अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू फिर नेता विपक्ष अजय मिश्रा सहित कांग्रेस के पार्षदों ने सामने आकर आरोप लगाया। कहा है कि आडिटोरियम के रखरखाव के लिए समदडिय़ा गु्रप को लाभ पहुंचाने के लिए शर्तों को ही महापौर एवं एमआइसी ने बदल दिया।

बताया गया है कि निगम के अधिकारियों ने वार्ड सात में 18.38 करोड़ रुपए से बने कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम, कैफेटेरिया एवं ओपन थिएटर के रखरखाव का टेंडर जारी किया था। समदडिय़ा ग्रुप ने 1.34 लाख रुपए का टेंडर डाला था, जिसे स्वीकृत किया गया है। एमआइसी ने हर कार्यक्रम के लिए ६५ हजार रुपए की दर से किराया लेने की अनुमति दी है। इस आडिटोरियम का निर्माण पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत 24.33 करोड़ रुपए में समदडिय़ा बिल्डर्स ने किया था। जिसमें 18.38 करोड़ रुपए आडिटोरियम और एक करोड़ रुपए का विश्वविद्यालय के कुलपति का बंगला निर्माण के लिए स्वीकृत किया गया था। शेष राशि शासन के खाते में जमा की गई थी।

वैवाहिक आयोजनों पर उठी आपत्तियां
कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम के निर्माण के समय और लोकार्पण तक सरकार ने दावा किया था कि इसे विंध्य के कला केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जब यह प्रारंभ हुआ तो सारे दावे हवा में उड़ गए और वैवाहिक आयोजन होने लगे। इस पर शहर के कलाकारों ने भी आपत्तियां उठाई हैं और कहा है कि जिस उद्देश्य के लिए इसका निर्माण हुआ है, उसी के अनुरूप यहां पर कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।

कलेक्टर के प्रस्ताव पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
कलेक्टर ने आडिटोरियम को लेकर आ रही शिकायतों के चलते बीते साल सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में ही संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया था कि कला-संस्कृति के संरक्षण के लिए रीवा में कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम को निर्माण कराया गया था। इसलिए विभाग स्वयं इसकी देखरेख कराए ताकि इसका उद्देश्य पहले जैसा ही बना रहे। इसके साथ ही कलेक्टर ने नगर निगम के आयुक्त को भी निर्देशित किया था कि आउटसोर्स से रखरखाव की व्यवस्था को स्थगित करें। इस आदेश को अब तक निगम ने नहीं माना है।

राहुल गांधी ने भी किया था कमेंट्स
बीते साल विधानसभा चुनाव से पहले रीवा आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस आडिटोरियम का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि इ-टेंडरिंग में फर्जीवाड़े का यह नमूना है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो इसकी जांच कराई जाएगी। उस दौरान अब के मुख्यमंत्री कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई कांग्रेसी नेता भी साथ रहे। माना जा रहा है कि इस मामले में सरकार भी एक्शन लेगी।

नेताओं ने ये कहा-
शादियां नहीं करने का शर्त रखी गई है, यदि शर्तों का उल्लंघन हो रहा है तो उसका भी परीक्षण किया जाएगा। कलेक्टर ने संस्कृति विभाग को प्रस्ताव भेजा था, वहां से भी जवाब आना चाहिए लेकिन क्यों नहीं आया यह भी जांच का विषय है। संस्कृति विभाग को हैंडओवर हो जाएगा तो पूरा विवाद ही समाप्त हो जाएगा। इसके लिए मैं भी शासन को पत्र भेजूंगी।
ममता गुप्ता, महापौर

महापौर भी स्वीकार करती हंै कि टेंडर में गड़बड़ी हुई है, वे इस पर कार्रवाई करें यदि नहीं कर पातीं तो पद से इस्तीफा दें। एक टेंडर आया और उसे स्वीकृत कर दिया गया, इसके पहले ही जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। महापौर नार्को टेस्ट की बात कर रही हैं, मैं भी चाहता हूं कि कराएं ताकि उनके नाम भी सामने आएं जिनके कहने पर सब हुआ।
गुरमीत सिंह मंगू, शहर कांग्रेस अध्यक्ष

आडिटोरियम के रखरखाव के लिए एमआइसी ने ऐसी शर्तें रख दी थी कि समदडिय़ा के अलावा दूसरे किसी ग्रुप को ठेका नहीं मिले। हमने इसकी शिकायत लोकायुक्त और इओडब्ल्यू में कर रखी है। जांच हुई तो महापौर सहित एमआइसी के सदस्यों की भूमिका सामने आएगी।
अजय मिश्रा, नेता विपक्ष नगर निगम
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आडिटोरियम का रखरखाव आउटसोर्स से किया जा रहा है। पूर्व में कलेक्टर ने इसके लिए क्या प्रस्ताव संस्कृति विभाग को भेजा और क्या निगम को पत्र आया था, इसकी जानकारी नहीं है। यदि कोई निर्देश था तो उसका परीक्षण कराएंगे। शर्तों का उल्लंघन यदि होगा तो कार्रवाई होगी।
सभाजीत यादव, आयुक्त नगर निगम

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