विन्ध्य: ऐसा लगा मानो आ गया भूकंप, खिसक गई ब्रिज की रोड1 min read

Rewa

सतना. यहां से गुजरने पर ऐसा लगात है जैसे कि भूमंप आगया हो। यहां पर सड़क अपनी जगह से खिसक गई है। ब्रिज पर बड़ी-बड़ी दरारें आगई हैं। बात कर रहे हैं सतना के रेलवे ओवरब्रिज की। सड़क और बिजली पर हालिया सरकार भले ही गंभीर हो और मुख्य सचिव स्तर से इन मामलों में गंभीरता बरतने के अधिकारियों को निर्देश आ चुके हों लेकिन घटिया निर्माण कराने और कमजोर मॉनीटरिंग के लिए पहचान बना चुके सेतु निर्माण विभाग एक बार फिर ओवरब्रिज में घटिया निर्माण के लिए चर्चा में आ गया है। हालिया मामल सर्किट हाउस चौराहे स्थित सतना के रेलवे ओवरब्रिज की रोड से जुड़ा है, जो बनने के दो सप्ताह से भी कम समय में ही उखडऩे लगी है और कई हिस्सों में इसका डामर सिमट गया है और रोड में बड़ी दरार बन चुकी है।

सड़क का एक बड़ा हिस्सा स्लिप हो गया
घटिया निर्माण के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा स्लिप हो गया है। जर्जर हो चुके ओवर ब्रिज के फुटपाथ और खराब हो चुकी सड़क को सही करने के लिए लगभग एक साल पहले यहां निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई। रोते धोते किसी तरह से ठेकेदार ने ब्रिज के फुटपाथ का ज्यादातर काम तो पूरा कर लिया लेकिन पिछले सप्ताह ही बनाई ब्रिज की डामरीकृत रोड का घटिया निर्माण भी सामने आ गया। बनते के साथ ही सड़क स्लिप हो गई और सड़क के एक बड़े हिस्से में बड़ी बड़ी दरार आ गई है। इन दरारों को देखकर ऐसा लगता है मानों यहां कोई बड़ा भूकंप आया रहा हो। तकनीक के जानकारों की माने तो यह गुणवत्ताहीन निर्माण की वजह से हुआ है।

यह है वजह
तकनीक के जानकारों का कहना है कि डामर की सड़क बनाने के पहले इसमें टैग कोट और प्राइम कोट किया जाता है। इस कोट का काम ऊपर बनने वाली डामर की लेयर को स्थित रखना होता है। लेकिन ठेकेदार ने यहां जो टैग और प्राइम कोट किया था वह घटिया और काम मात्रा में किया। जिसका नतीजा यह रहा कि डामर की पकड़ सही नहीं हो पाई। इसके बाद जो बीसी कोट (बिटुमिनस काक्रीट) किया गया वह भी सही मात्रा में और गुणवत्ता का नहीं रहा। या तो इस मिक्सर में डामर कम रहा या फिर हीट ज्यादा हो गया था, जिससे इसकी पकड़ भी सही नहीं रही। यही वजह रही कि निर्माण के दौरान ही गिट्टी भरभरा कर सड़क पर फैल रही थी। इस घटिया निर्माण के ऊपर जो सील किया गया वह भी सही नहीं रहा। नतीजा यह हुआ कि बनने के एक सप्ताह बाद ही नवनिर्मित सड़क स्लिप हो गई।

दो पहिया वाहन के लिए खतरनाक
सर्किट हाउस से जब सिविल लाइन की ओर जाते हैं तो सेंटर से सिविल लाइन की ओर सड़क में सील कोट के दौरान निर्माण में त्रुटि से लाइनिंग आ गई है। चार पहिया वाहनों के लिए तो दिक्कत नहीं है लेकिन दो पहिया इनसे गुजरते हैं तो वाहन लहराने लगता है और बाइक बबलिंग करने लगती है। बताया गया कि पेवर मशीन में कुछ ठोस फंस जाने से यह लाइन बन जाती है, जो कंपेक्टर के बाद नजर आ जाती है। यदि इस पर ध्यान देते हुए बेलचे से डामर डालकर रोलर चला दिया जाता तो यह रोड बराबर होती और लहर नहीं बनती।

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